छठ महापर्व . कीचड़ और गंदगी साफ करना भी चुनौती
पटना : छठ में भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए गंगा किनारे जाने से पहले लोगों को सोचना होगा. गंगा मइया के दूर होने से नदी किनारे तक जाने के लिए दलदल जमीन की वजह से रास्ता तैयार करने में परेशानी होगी.
गंगा में पानी अधिक होने से घाटों के किनारे जमा गंदगी व कीचड़ की सफाई भी चुनौती बनी हुई है. गंगा किनारे घाटों पर छठ पूजा करनेवाले व देखनेवालों की भीड़ उमड़ती थी. गंगा मइया के दूर जाने से इसमें काफी कमी हो गयी. बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की छतों या आसपास के पास छोटे-छोटे तालाब बना कर अर्घ्य देने का इंतजाम करने लगे हैं.
बुद्ध घाट : पुलिस लाइन के उत्तर बुद्ध घाट पर बने छोटे से तालाब में छठव्रती छठ पूजा संपन्न कर पायेंगे. इसके लिए तालाब में जमा गंदगी व मिट्टी को निकाल कर साफ किया जा रहा है.
तालाब को पूरी तरह से साफ कर उसमें गंगा जल भरा जायेगा, जिसमें छठव्रती सूर्य भगवान को अर्घ्य देंगे. स्थानीय लोगों ने कहा कि गंगा में बाढ़ की वजह से इस बार घाट किनारे तक पानी पहुंच गया था. इस वजह से गंदगी व मिट्टी जमा हो गयी. आसपास कीचड़ भी काफी है.
बांस घाट : बांस घाट से होकर गंगा किनारे तक पहुंचने के लिए रास्ते में जमा पानी समस्या है. इसके अलावा जमीन के दलदल होने से धंसने का खतरा बना है. ऐसे में रास्ता तैयार करने में परेशानी होगी. स्थानीय लोगों ने कहा कि बांस की चचरी बना कर जाने के लिए रास्ता तैयार किये जाने की संभावना है, ताकि लोग पैदल भी जा सकें. गंगा किनारे जाने के लिए लगभग साढ़े तीन किलोमीटर चलना होगा.
गेट नंबर 91 भट्ठा : राजापुर पुल से सटे पूरब गेट नंबर 91 भट्ठा से गंगा किनारे जाने के लिए पहले से ही रास्ता तैयार है. पहले से ही वहां लोहे का पुल बना हुआ है. उस रास्ते से गंगा पाथवे के तैयार करने के लिए निर्माण सामग्री ले जानेवाले वाहनों का आना-जाना होता है. छठव्रतियों के लिए यह रास्ता सबसे सुविधाजनक होगा. ऐसे में घाट तैयार करने में प्रशासन को ध्यान देना होगा.
एलसीटी घाट : मैनपुरा के पास एलसीटी घाट के पास जमा पानी में घाट किनारे रहनेवाले मछली मारने का काम कर रहे हैं. घाट के आसपास काफी गंदगी व कीचड़ जमा है. गंगा किनारे तक पहुंचने के लिए उस रास्ते को तैयार करने का प्रयास हो रहा है. जेसीबी लगा कर जमा गंदगी व कीचड़ को हटाया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रशासन द्वारा इस घाट से होकर जाने के लिए रास्ता तैयार करने की अनुमति मिली है.
दीघा घाट : दीघा घाट के पास पर्याप्त जगह होने से छठव्रतियों को सुविधा होगी, लेकिन घाट किनारे दलदल जमीन को दुरुस्त करने पर ही यह संभव है. अभी पानी घटने के बाद दलदल होने से पैर काफी धंस रहा है. अगर यही स्थिति रही, तो छठव्रतियों को परेशानी होगी.
