पटना : पिछले दिनों पटना साहिब व पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र में जलजमाव की समस्या बनी, जिसमें लाखों लोग परेशान हुए. इससे करोड़ों रुपये की क्षति हुई है. राजधानी की नारकीय स्थिति से निजात दिलाने को लेकर बुधवार को पटना जल निकासी आपदा पीड़ित मंच की ओर से राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री व हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन दिया गया. इसके साथ ही मंच की ओर से पीड़ितों को तत्काल राहत देने के लिए केंद्र व राज्य सरकार से मांग की गयी.
जलजमाव पीड़ित लोगों ने की केंद्र व राज्य सरकार से सहायता की मांग
पटना : पिछले दिनों पटना साहिब व पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र में जलजमाव की समस्या बनी, जिसमें लाखों लोग परेशान हुए. इससे करोड़ों रुपये की क्षति हुई है. राजधानी की नारकीय स्थिति से निजात दिलाने को लेकर बुधवार को पटना जल निकासी आपदा पीड़ित मंच की ओर से राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री व हाइकोर्ट के मुख्य […]

मुख्य मांगें
जलजमाव से हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाये
न्यायाधीश व सीबीआइ से करायी जाये जांच
जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित कर करे आवश्यक कार्रवाई
दुबारा जलजमाव की समस्या नहीं बने इसको लेकर आइआइटी के विशेषज्ञों की देखरेख में योजना बनायी जाये
नाला उड़ाही में हुए भ्रष्टाचार की जांच
नाला निर्माण व उड़ाही में सरकारी खर्च का श्वेत पत्र किया जाये जारी
पानी में डूबे गाड़ियों की बीमा मिले, इसको लेकर आवश्यक बीमा कंपनियों को दें निर्देश
20 अक्तूबर को करेंगे भूख हड़ताल
जलजमाव से पीड़ित लोग 20 अक्तूबर को मंच के बैनर तले एक दिवसीय भूख हड़ताल व धरना प्रदर्शन करेंगे. यह आयोजन राजेंद्र नगर के मेकडोवल गोलंबर पर सुबह आठ बजे से किया जायेगा. इसके बाद शाम पांच बजे मंच के बैनर तले कैंडल व मशाल जुलूस निकाला जायेगा, जो अपनी मांगों के समर्थन में डाकबंगला चौराहा तक आयेगी.
मंच के संयोजन दिलजीत खन्ना ने बताया कि उपमुख्यमंत्री की ओर से कहा गया कि मंच के प्रतिनिधियों को बुलाया, जो बिल्कुल निराधार है. इस संबंध में न हीं कोई सूचना व न हीं कोई पत्र मिला है. जलजमाव को लेकर अब भी राजनीति की जा रही है. उन्होंने कहा कि जलजमाव की वजह से हजारों गाड़ियां पानी में डूबी रही. वहीं, घर के सामान व दुकान 10 दिनों तक डूबा रहा. इसमें कई गरीब परिवारों का घर बर्बाद हो चुका है.