पटना : जल जमाव खत्म होने के बाद वाहनों के शौकीन को अब वाहनों के मरम्मत को लेकर चिंता सताने लगी है. पानी जमा होने से खराब हुए वाहनों के मरम्मत में उसे अपनी तरफ से खर्च करना होगा या फिर मरम्मत में बीमा कंपनियों से मदद मिलेगी या नहीं इसे लेकर परेशान हैं.
हालांकि जानकारों के अनुसार वाहनों का कंप्रीहेंसिव बीमा होने पर मरम्मत में होनेवाली खर्च बीमा कंपनी चुकाती है. राजेंद्र नगर इलाके में जल जमाव से खराब हो चुके चार चक्का वाहनों की मरम्मत पर लगभग सवा करोड़ खर्च होंगे. एक अनुमान के मुताबिक राजेंद्र नगर इलाके में पानी जमा होने से लगभग एक हजार गाड़ियां खराब हुई है.
जानकारों के अनुसार जल जमाव में खराब हो चुके छोटे वाहनों की मरम्मत पर लगभग 79 से 80 हजार,जबकि बड़े वाहनों के मरम्मत पर एक से सवा लाख खर्च होंगे. जल जमाव को लेकर ग्राउंड फ्लोर में रखी गाड़ियां लगभग सात से आठ दिनों तक पानी में रही.
पानी निकासी के बाद जब लोग अपने वाहन को देख रहे हैं तो उनके होश उड़ रहे हैं. वह कोई काम का नहीं रह गया है. वाहन मालिक ठेल कर या फिर टोजन करा कर गैराज में मरम्मत कराने को लेकर जा रहे हैं.
बीमा कंपनियों के अनुसार वाहनों का फुल इंश्योरेंस होने पर आपदा कवर रहता है. बीमा धारक अपने वाहन को गैराज में ले जा कर मैकेनिक से वाहन में हुई क्षति का आकलन कर संबंधित बीमा कंपनी को क्लेम कर सकते हैं. घर से गाड़ी को उठा कर गैराज ले जाने का खर्च बीमा कंपनी देती है. वाहनों की क्षति की सूचना बीमा कंपनी के कार्यालय को देना आवश्यक है. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस वाले वाहनों का आपदा से हुई क्षति का कवर नहीं मिलता है.
