पटना : मोकामा से मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव होते हुए मिर्जापुर तक जाने वाली एनएच-80 हर साल गंगा के बाढ़ से करीब 40 किमी की लंबाई में खराब होती है. इसमें दस साल के दौरान मरम्मत में औसतन करीब 15 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. आज के समय में इतनी लागत में एनएच की करीब तीन किमी नयी सड़क बनायी जा सकती है. वहीं यह सड़क इस साल भी गंगा के बाढ में खराब हुई है. इसकी मरम्मत की प्रक्रिया में लंबा समय लगेगा.
मरम्मत में 15 करोड़ खर्च बन जाती तीन किमी सड़क
पटना : मोकामा से मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव होते हुए मिर्जापुर तक जाने वाली एनएच-80 हर साल गंगा के बाढ़ से करीब 40 किमी की लंबाई में खराब होती है. इसमें दस साल के दौरान मरम्मत में औसतन करीब 15 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. आज के समय में इतनी लागत में एनएच की […]

पथ निर्माण विभाग के सूत्रों का कहना है कि गंगा नदी के किनारे एनएच-80 का बहुत- सा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में आमतौर पर भागलपुर के आसपास यह सड़क हर साल गंगा नदी के बाढ़ में खराब हो जाती है. इस बार भी गंगा नदी का पानी इस सड़क पर कई जगहों पर बह रहा है.
बाढ़ का पानी उतरते ही 10 दिनों में ठीक होंगी ग्रामीण सड़कें : शैलेश कुमार
पटना. गंगा किनारे के 12 जिलों सहित अन्य जिलों में बाढ़ का पानी उतरते ही 10 दिनों में ग्रामीण सड़कें मानक के अनुसार ठीक होंगी. यह निर्देश ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री शैलेश कुमार ने अधिकारियों और इंजीनियरों को गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के दौरान दिया है.
उन्होंने इंजीनियरों और अधिकारियों से कहा है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत पूरे सड़क नेटवर्क का डीपीआर अक्तूबर तक विभाग को सौंप दें. साथ ही सभी एक्सक्यूटिव इंजीनयरों से अक्तूबर तक प्रमाणपत्र देने के लिए कहा गया है कि अब मरम्मत के लिए कोई सड़क नहीं बची है.