पटना : जजों की नियुक्ति के लिए नाम भेजने के मामले में सुनवाई अधूरी

पटना : पटना हाइकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम द्वारा भेजे गये 15 वकीलों के नाम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को अधूरी रही. न्यायाधीश शिवाजी पांडेय और न्यायाधीश पार्थ सार्थी की खंडपीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई की तिथि 23 अक्तूबर निर्धारित की है. खंडपीठ ने केंद्र सरकार […]

पटना : पटना हाइकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम द्वारा भेजे गये 15 वकीलों के नाम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को अधूरी रही. न्यायाधीश शिवाजी पांडेय और न्यायाधीश पार्थ सार्थी की खंडपीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई की तिथि 23 अक्तूबर निर्धारित की है.
खंडपीठ ने केंद्र सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय को कहा कि अगली सुनवाई पर वह अपना पक्ष कोर्ट में रखते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट करे. याचिकाकर्ता दिनेश द्वारा दायर इस जनहित याचिका में कहा गया है कि बिना व्यापक विचार विमर्श और पारदर्शिता बरते कॉलेजियम ने 15 अधिवक्ताओं के नाम जज बनाने के लिए अनुशंसा कर भेज दिया. इन नामों को भेजने के पहले सभी वर्गों के नामों पर विचार नहीं करते हुए एक खास वर्ग के लोगों के सात से ज्यादा नाम भेज दिये गये.
इतना ही नहीं एक ऐसे अधिवक्ता का नाम भी भेजा गया है, जो पटना हाइकोर्ट के वकील नहीं हैं. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस मामले की सुनवाई की योग्यता पर जवाब देने के लिए निर्देश दिया था. इस मामले पर अगली सुनवाई दोबारा से 23 अक्तूबर को की जायेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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