पटना : पटना हाइकोर्ट ने ट्रैफिक चेकिंग अभियान को लेकर सरकार को दिशा निर्देश जारी किया है. कोर्ट ने जांच के दौरान एम परिवहन एप को भी शामिल करने को कहा है.
शुक्रवार को जस्टिस शिवाजी पांडेय व जस्टिस पार्थ सारथी की पीठ ने संशोधित मोटर वाहन कानून के तहत वाहन चेकिंग के दौरान प्रताड़ित करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र व राज्य से चार सप्ताह में जवाब तलब किया. कोर्ट ने राज्य सरकार को गाड़ियों के लाइसेंस व कागजातों की जांच के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिड्यूर अपनाने की सलाह दी, जिसमें गाड़ियों के दस्तावेजों की जांच एम परिवहन एप के जरिये की जा सके. याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि बिहार जैसे राज्य जहां प्रति व्यक्ति आय कम है, वहां के लिए नये संशोधित वाहन कानून में जुर्माने की राशि बहुत ज्यादा है. याचिकाकर्ता को सुनने के बाद हाइकोर्ट ने केंद्र से भी चार सप्ताह में जवाब तलब किया.
