पटना : नया वाहन एक्ट लागू होने के बाद से प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे दूसरे चरण के मेगा जांच अभियान के पहले ही दिन ऑटो व सिटी बसें पटना की सड़कों से अचानक गायब हो गयी. खास कर पटना जंक्शन से बेली रोड, दानापुर, बोरिंग रोड, गांधी मैदान रूट पर चलने वाली सड़कों पर इसका खासा असर देखा गया.
पॉल्यूशन, इंश्योरेंस व अन्य कारणों के चलते भारी जुर्माना से बचने के लिए ऑटो व सिटी बसें सड़कों पर बहुत कम निकलीं. नतीजा, पटना जंक्शन से लेकर शहर के तमाम चौक-चौराहों पर यात्रियों की खासी भीड़ देखी गयी. परिवहन निगम की बसें भी इस भीड़ को कम नहीं कर सकी. बेली रोड पर चलने वाली निगम की बसों में ठसाठस भीड़ रही.
40 फीसदी ऑटो 15 साल से अधिक पुराने : अधिकारियों के मुताबिक इसका मुख्य कारण अधिकांश ऑटो चालकों के पास कॉर्मशियल ड्राइविंग लाइसेंस का न होना और प्रदूषण का सही प्रमाण पत्र नहीं होना है. जानकारी के अनुसार पटना शहरी क्षेत्र में चलने वाले 40 फीसदी से अधिक ऑटो की उम्र समाप्त हो चुकी है. पटना जिले में 37 हजार से अधिक ऑटो निबंधित हैं. इनमें से लगभग 22 हजार ऑटो सड़कों पर रहती है. परिवहन अधिकारियों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में चलने वाले लगभग 40 फीसदी से अधिक ऑटो 15 साल से अधिक पुराने हैं. नये एक्ट में प्रदूषण प्रमाण पत्र सही नहीं पाये जाने पर दस हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है.
