पटना : न पीने का पानी, न ही शौचालय की व्यवस्था

पटना : पुलिसकर्मियों से 24 घंटे काम की उम्मीद तो की जाती है, लेकिन उनके लिए दी जाने वाली आवासीय सुविधाओं की स्थिति बहुत ही दयनीय है. फ्रेजर रोड स्थित पुराने जर्जर भवन रिजवान पैलेस में भी बीएमपी व होमगार्ड के करीब 300 पुलिसकर्मियों को जगह दी गयी है, लेकिन यहां पर उनके रहन-सहन की […]

पटना : पुलिसकर्मियों से 24 घंटे काम की उम्मीद तो की जाती है, लेकिन उनके लिए दी जाने वाली आवासीय सुविधाओं की स्थिति बहुत ही दयनीय है. फ्रेजर रोड स्थित पुराने जर्जर भवन रिजवान पैलेस में भी बीएमपी व होमगार्ड के करीब 300 पुलिसकर्मियों को जगह दी गयी है, लेकिन यहां पर उनके रहन-सहन की स्थिति काफी बदतर है.
दो मंजिला इस भवन में ग्राउंड फ्लोर पर होमगार्ड के जवान और दूसरे तल्ले पर बीएमपी 1, 12 व 15 के जवान रहते हैं. भवन में न तो पीने के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था है और न ही शौचालय की बेहतर व्यवस्था है. पूरे भवन में दो शौचालय हैं, जिसमें जाने के लिए जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है. जवानों को काफी इंतजार करना पड़ता है. बिना मच्छरदानी के कोई भी जवान सो नहीं सकता है. अगर बिजली कट गयी तो फिर गर्मी से हालत खराब हो जाती है.
भवन के चारों ओर जलजमाव, पानी हो चुका है काला : उक्त भवन के चारों ओर जलजमाव है. मैदान में भरा पानी सड़ चुका है और उसमें से दुर्गंध आती है. इसके साथ ही जलजमाव के कारण कई तरह की बीमारियों का खतरा भी जवान के सिर पर मंडराता रहता है. ऐसा नहीं है कि जवानों के इस तरह से रहने की जानकारी पुलिस के आलाधिकारियों को नहीं है, फिर भी सालों से कोई इंतजाम नहीं किया गया.
जिन्हें अपनी नौकरी बचानी है, वे मजबूरन उस जगह पर रहते हैं. हालत यह है कि वहां रहने वाले जवान समस्या को लेकर भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है. कुछ ने दबी जुबान में कहा कि सभी को काम की जरूरत है. वे लोग कैसे वहां रह रहे हैं, इससे उन्हें क्या मतलब है? यहां किसी तरह से रह कर अपनी ड्यूटी की जा रही है.
रक्षक खुद लड़ रहे हैं सुरक्षा की जंग
पटना पुलिस लाइन का हाल बेहाल है. स्थिति ऐसी है कि दूसरों की रक्षा करने वाले पुलिसकर्मी अपनी ही सुरक्षा को लेकर प्रतिदिन जंग लड़ते हैं. कड़ी मेहनत के बाद जब उन्हें थोड़ा शकुन व आराम
चाहिए तो वह भी उन्हें मयस्सर नहीं. हालत ऐसी है कि टेंट के अंदर जान हथेली पर लेकर कीचड़ के ऊपर सोने को विवश हैं. कीचड़ में ही खाना बनाना, ड्यूटी के लिए तैयार होना और बीमारियों के खतरे से प्रतिदिन पुलिसकर्मी लड़ रहे हैं.
लेकिन उनके सिर पर पुलिस लाइन में सीमेंट की छत भी नहीं है. मंगलवार की रात टेंट गिर गया और करीब 100 पुलिसकर्मियों की जान सांसत में पड़ गयी. ऐसे ही तीन-चार टेंट पुलिस लाइन के मैदान में लगाये गये हैं, जहां करीब 500 पुलिसकर्मी किसी तरह अपनी ड्यूटी बजा रहे हैं.
पटना : हाल में ही पटना पुलिस लाइन में एक नया भवन महिला पुलिसकर्मियों के लिए बनाया गया है. लेकिन इस नये भवन में महिला पुलिसकर्मी कम और पुरुष पुलिसकर्मी अधिक रहते हैं. जबकि उस भवन को इसलिए बनाया गया था कि उसमें केवल महिला जवान रह सकें और अपनी ड्यूटी कर सकें.
बनाया था शस्त्र रखने के लिए नया भवन, चलता है कार्यालय : जानकारी के अनुसार, पटना पुलिस लाइन में काफी संख्या में अत्याधुनिक हथियारों रखे हुए है. इसके अलावा हैंड ग्रेनेड आदि विस्फोटक आदि भी है.
इसे रखने के लिए नया भवन बनाया गया था. लेकिन इस भवन में पुलिस लाइन का कार्यालय चलता है और शस्त्रागार अभी पुराने भवन में ही चल रहा है. शस्त्रागार की रक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों के जर्जर गार्ड रूम के कारण कई कर्मियों की जान जाते-जाते बची थी.
शस्त्रागार भवन में नहीं है बाथरूम और सुरक्षा को लेकर सीमेंट से बनाये गये हैं पोस्ट: शस्त्रागार भवन में पुलिसकर्मियों के लिए बाथरूम तक नहीं है. जबकि सुरक्षा को लेकर वहां 24 घंटे गार्ड की तैनाती की जाती है. सीमेंट की बोरियों को घेर कर पोस्ट बनाये गये हैं.
इसके साथ ही अगर पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को अगर मूत्र त्याग करना है तो वे पोस्ट छोड़ कर बाथरूम नहीं जा सकते हैं. क्योंकि बाथरूम कुछ दूरी पर स्थित है. जिसके कारण शस्त्रागार के बाहर ही मूत्र त्याग करना पड़ता है. एक बार तो गार्ड रूम में सांप निकलने के बाद हड़कंप मच गया था. गार्ड रूम को दुरुस्त करने के लिए एसएसपी स्तर से पुलिस मुख्यालय को जानकारी दी जा चुकी है.
हर साल डेंगू की चपेट में आ जाते हैं कई पुलिसकर्मी : हर साल बारिश के कारण पुलिस लाइन में जलजमाव हो जाता है. जिसके कारण कई पुलिसकर्मी हमेशा डेंगू की चपेट में आ जाते हैं. पिछली साल भी कई पुलिसकर्मी डेंगू मच्छर के काटने के कारण बीमार हो गये थे.
क्या कहती हैं एसएसपी
एसएसपी गरिमा मलिक ने बताया कि पटना पुलिस लाइन में बेहतर व्यवस्था को लेकर पूर्व से ही प्रोजेक्ट चल रहा है. इसको पूरा होने में डेढ़-दो साल लग सकते हैं. प्रोजेक्ट पूरा होने पर पुलिसकर्मियों के रहने की समस्या खत्म हो जायेगी. फिलहाल पुलिस लाइन में आवासीय जगह की कमी है. इसके कारण महिला भवन में महिला व पुरुष जवानों को अलग-अलग तल्लों पर रहने की व्यवस्था की गयी है.
पेड़ की कटाई का काम शुरू
पटना. लोदीपुर के पटना पुलिस लाइन स्थित शस्त्रागार के पास गिरे बरगद के पेड़ की कटाई का काम शुरू हो गया है. गुरुवार को पटना पुलिस व नगर-नगर निगम के सहयोग से पेड़ों की कटाई की गयी. जेसीबी व ट्रैक्टर के सहयोग से भारी पेड़ की कटाई कर परिसर से हटाया गया. हालांकि अभी तक मलबा नहीं हटाया जा सका है.

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