पटना : पटना हाइकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी तय समय सीमा के बाद एडमिशन प्रक्रिया जारी रखने के खिलाफ दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय और बिहार स्टेट एंट्रेंस कंपिटीटिव एग्जामिनेशन बोर्ड से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है.
न्यायाधीश शिवाजी पांडेय और न्यायाधीश पार्थसारथी की खंडपीठ ने जितेंद्र कुमार राय द्वारा दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. याचिकाकर्ता ने 24 अगस्त, 2019 को एक समाचार पत्र में छपी खबर के आधार पर यह लोकहित याचिका दायर की है.
साइंस व टेक्नोलॉजी विभाग से भी जवाब तलब : याचिकाकर्ता ने आरोप लगाते हुए कहा है कि दिसंबर, 2012 में ही सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में इंजीनियरिंग व मेडिकल में दाखिले के लिए होने वाली काउंसेलिंग को प्रत्येक वर्ष 30 जुलाई तक पूरा करने का निर्देश दिया है. यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने कोटा के तहत होने वाले दाखिले की प्रक्रिया को भी हर साल 15 अगस्त तक पूरा करने का निर्देश दिया है.
इसका सख्त अनुपालन करने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी परिषद के दिशा निर्देश में भी कहा गया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी कर 24 अगस्त से काउंसेलिंग कराये जाने की खबर प्रकाशित होने के बाद याचिकाकर्ता ने हाइकोर्ट में यह लोकहित याचिका दायर की है. कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार के साइंस व टेक्नोलॉजी विभाग से भी जवाब तलब किया है.
