पीएमसीएच : यहां नाक बंद कर आते हैं मरीज और परिजन

पटना : रविवार को जब हमने राज्य के सबसे बड़े अस्पताल के साथ ही शहरी अस्पतालों की इमरजेंसी का हाललिया. शहरी अस्पताल में जहां भीड़ कम रहने के कारण सुविधा दिखायी दी, वहीं पीएमसीएच में काफी भीड़ होने से साफ-सफाई का हाल बेहाल दिखा.प्रभात खबर की टीम दोपहर 2.10 बजे पीएमसीएच इमरजेंसी पहुंची तो यहां […]

पटना : रविवार को जब हमने राज्य के सबसे बड़े अस्पताल के साथ ही शहरी अस्पतालों की इमरजेंसी का हाललिया. शहरी अस्पताल में जहां भीड़ कम रहने के कारण सुविधा दिखायी दी, वहीं पीएमसीएच में काफी भीड़ होने से साफ-सफाई का हाल बेहाल दिखा.प्रभात खबर की टीम दोपहर 2.10 बजे पीएमसीएच इमरजेंसी पहुंची तो यहां पर कुल 160 मरीजों की भर्ती हो चुकी थी. शुरुआती छह घंटे में यह काफी बड़ी संख्या है.

जब हमने यहां प्रवेश किया तो साफ-सफाई का घोर अभाव दिखायी दिया. बाथरूम से बदबू तो आती ही है, एनेस्थेसिया भी काफी दमघोंटू वातावरण बना रहा था. मरीजों की साफ-सफाई वाली आदत नहीं होना भी, गंदगी का बड़ा कारण दिखा. इसके साथ ही लावारिस मरीजों के पास गंदगी के चलते स्थिति और भी खराब दिखी.
इंट्री को लेकर परिजनों का हंगामा
यहां के गेट पर एक मरीज के साथ दो परिजनों को ही अंदर जाने के लिए पास मिलता है. इसके कारण अन्य परिजन काफी परेशान रहते हैं. जब हम यहां पहुंचे तो आरा से आये हुए मरीज के परिजन गेटमैन से बहस कर रहे थे. इसके बावजूद उसे नहीं जाने दिया गया और पास लेकर आने की ताकीद की गयी.
नर्स नहीं आती, दवाओं की भी दिक्कत
बक्सर से आये शंकर कुमार ने कहा कि मेरे पिताजी कल से यहां भर्ती हैं. उन्हें उल्टी-दस्त हो रहे हैं लेकिन नर्स इलाज के लिए नहीं जाती है. इसके कारण पिताजी को काफी परेशानी हो रही है. कंट्रोल रूम में भी वह कहकर थक चुके हैं, लेकिन निदान नहीं हो पाता है.
अब क्या करें? दरियापुर परसा के रहनेवाले अवधेश अपनी बेटी दीपमाला का इलाज करने के लिए आये हुए हैं. वह कहते हैं कि सर में चोट लगी है, किसी तरह सिटी स्कैन हो चुका है, लेकिन दवाई यहां नहीं मिल रही है. उनके साथ अन्य कई लोगों ने दवाओं के कमी की बात कही और यह भी कहा कि उन्हें बाहर से दवाएं मंगानी पड़ती है.
क्षमता से बहुत ज्यादा मरीज आते हैं इमरजेंसी में
पीएमसीएच की इमरजेंसी में हमारी क्षमता से बहुत ज्यादा मरीज आते हैं, इस कारण सफाई में अव्यवस्था दिखायी देती है. लेकिन उसे हर हाल में बेहतर रखना है. आपने इस ओर ध्यान दिलाया है तो हम इसे लेकर संबंधित जिम्मेदार लोगों से जवाब तलब करेंगे. कोताही बरतने वाले को नहीं बख्शा जायेगा.
– डॉ राजीव रंजन, अधीक्षक, पीएमसीएच
इधर, शहरी अस्पतालों में दिखी अच्छी व्यवस्था
हमने दो शहरी अस्पतालों का जायजा लिया तो वहां हालात ठीक दिखायी दिये. गर्दनीबाग अस्पताल में एक बजे कुल सात केस आये थे. एक डिलिवरी, एक मरीज वायरल फीवर से ग्रस्त था और बाकी केस चोट और मारपीट से जुड़े हुए थे.
डॉ राजकुमारी यहां पर मरीजों का इलाज कर रही थीं. उन्होंने बताया कि गर्भवती महिला को भर्ती करा दिया गया है जबकि अन्य का इलाज किया गया है. यहां साफ सफाई की व्यवस्था अच्छी दिखायी दी और दवाएं भी उपलब्ध थी. न्यू गार्डिनर अस्पताल में भी एक दर्जन मरीजों का इलाज इमरजेंसी में किया गया था. यहां भी सफाई अच्छी दिखी.

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