मेला क्षेत्र में नहीं लगी है स्ट्रीट लाइट
मसौढ़ी : मसौढ़ी. बीते 28 अगस्त को जिलाधिकारी द्वारा मेले की तैयारी को लेकर पुनपुन में बैठक की गयी थी. उक्त बैठक में कई विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया था.
बैठक में सभी को अपने-अपने विभाग से मेले की तैयारी को लेकर कई निर्देश दिये गये थे, लेकिन बैठक के आठ दिन बाद तैयारी के नाम पर मेला परिसर में पीएचइडी विभाग से मात्र दो चापाकल लगाने की प्रक्रिया चल रही है. जबकि मेला परिसर से एनएच तक प्रत्येक बिजली के पोल पर स्ट्रीट लाइट लगाने की बात कही गयी थी, लेकिन बिजली विभाग मात्र दो स्ट्रीट लाइट लगा अपने दायित्वों कि इतिश्री कर ली है.
इधर बीते सोमवार को मसौढ़ी नगर पर्षद के स्वीपर को पुनपुन ले जाया गया था, साफ-सफाई को लेकर, लेकिन साफ-सफाई की स्थिति भी जस की तस है. इधर इस संबंध में पुनपुन के बीडीओ सह सीओ अर्शी शाहिन ने बताया कि मंगलवार को इसे लेकर समीक्षा बैठक की गयी थी, लेकिन किसी कारणवश स्थगित कर दी गयी है. उन्होंने बताया कि दो से तीन दिनों में सारे कार्यों का निबटारा कर लिया जायेगा.
पुनपुन घाट स्टेशन से लेकर पुनपुन नदी घाट तक फैला गंदगी का अंबार
12 सितंबर से शुरू हो रहे पुनपुन अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष मेले की तैयारी को लेकर रेल प्रशासन व स्थानीय प्रशासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अभी तक पुनपुन घाट स्टेशन से लेकर पुनपुन नदी घाट तक फैले गंदगी के अंबार को हटाया नहीं जा सका है.
जिससे उक्त मेले में देश व विदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को उक्त गंदगी से ही होकर गुजरना पड़ेगा. इसे लेकर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मधुसूदन कुमार, मनीष कुमार व मेला समिति के सुदामा पांडेय समेत अन्य लोगों में आक्रोश है.
उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में श्रद्धालुओं को तो परेशानी उठानी ही पड़ेगी, इससे उनके बीच पुनपुन व सूबे की प्रतिष्ठा पर भी आंच आयेगी. इधर जहानाबाद के आइओडब्लू (रेलवे) उपेंद्र प्रसाद ने बताया कि मेला शुरू होने के पहले घाट हाॅल्ट पर पंडाल समेत अन्य सुविधाओं जो रेलवे की ओर से दी जाती है उसे पूरा कर लिया जायेगा. साफ-सफाई की बात पर उन्होंने बताया कि यह मेरा काम नहीं है.
इसे रेलवे का टीएचआइ द्वारा किया जायेगा. टीएचआइ आखिर कब करेगी के सवाल पर उन्होंने मोबाइल काट दिया. गौरतलब है कि मेला शुरू होने के एक पखवारा पूर्व से ही प्रत्येक वर्ष रेलवे द्वारा पुनपुन घाट हाॅल्ट से लेकर पुनपुन नदी घाट तक साफ-सफाई समेत घाट हाॅल्ट पर पीने के लिए पानी व यात्रियों के ठहरने के लिए पंडाल बनाने व उक्त सभी मार्गों में प्रकाश की व्यवस्था शुरू कर दी जाती थी, लेकिन इस वर्ष अभी तक कोई कार्य शुरू नहीं होने से लोगों के बीच संशय की स्थिति बनी हुई है. रेलवे इस कार्य को आखिर अब तक शुरू क्यों नहीं कर पाया है.
जबकि बीते 28 अगस्त को पुनपुन में जिलाधिकारी समेत जिले के अन्य वरीय पदाधिकारियों की एक बैठक मेले की तैयारी को लेकर की गयी थी. जिलाधिकारी ने बैठक से ही दानापुर के मंडल रेल प्रबंधक से बात कर रेलवे द्वारा मेले में की जाने वाली तैयारी को लेकर शीघ्र कार्य कराने का आग्रह किया था. आइओडब्लू से बात करने के बाद मंडल रेल प्रबंधक से इस संबंध में बात करने की कोशिश की गयी, लेकिन उनसे बात नहीं हो पायी.
अमूमन मंडल रेल प्रबंधक बात करने से परहेज करते हैं. हालांकि व्ट्सअप पर लिखने के बाद उसका जवाब उनके द्वारा अवश्य दिया जाता था, लेकिन अभी तक उनका जनाब नहीं मिल पाया. अब तक लग पाया है मात्र दो चापाकल
