हाइकोर्ट की रोक हटने के बाद तेजी से ऑनलाइन निबटाये जा रहे सदस्यता के आवेदन
पटना : राज्य में 15 सितंबर तक सभी पैक्स सदस्यों की सूची तैयार हो जायेगी. इसके लिए सहकारिता विभाग की ओर से ऑनलाइन आवेदनों को तेजी से निबटाने का काम किया जा रहा है. कोशिश है कि जल्द से जल्द करीब पांच लाख सदस्यों के आवेदनों की फाइनल लिस्ट तैयार कर ली जाये.
जैसे ही लिस्ट फाइनल होगी राज्य निर्वाचन प्राधिकार को जानकारी भेज दी जायेगी. इसके बाद प्राधिकार अपनी ओर से जारी तारीख के अनुसार चुनाव करायेगा. विभाग द्वारा मतदान केंद्र के निर्धारण की प्रक्रिया भी चल रही है. गौरतलब है कि हाइकोर्ट की रोक हटने के बाद अब पैक्स स्तर से सभी आवेदनों को जांच कर सदस्यता देने का काम किया जा रहा है.
नवंबर में संभावित है चुनाव
जानकारी के अनुसार इस बार का चुनाव अक्तूबर से नवंबर के बीच में संभावित है. संभव है कि पांच से सात चरणों में चुनाव हो. गौरतलब है कि पिछली बार छह चरणों में चुनाव आयोजित किया गया था. चुनाव के दौरान पैक्स अध्यक्ष से लेकर विभिन्न पदों के लिए चुनाव संपन्न होंगे. गौरतलब है कि प्राधिकार के जारी निर्देश के मुताबिक 2019 में वैसे पैक्स पर ही चुनाव काकार्य कराया जायेगा, जिसनेआयोग द्वारा निर्धारित शुल्क जमा किया हो. आयोग द्वारा जारीआदेश के मुताबिक चुनाव से पूर्व सभी पैक्स को पांच हजार रुपये का शुल्क और प्रति सात सौ मतदाता पर एक मतदान केंद्र, बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार के नाम से देना अनिवार्य होगा.
मक्के में फॉल आर्मी वर्म कीट
पटना : मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड के बोआरीडीह गांव में लगभग 500 एकड़ में मक्का फसल पर फॉल आर्मी वर्म कीट का प्रकोप हुआ है. अब इसके लिए कृषि विभाग से जांच के लिए संयुक्त निदेशक, पौधा संरक्षण के नेतृत्व में टीम भेजी गयी है. टीम में कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक एवं प्रधान वैज्ञानिक, मक्का अनुसंधान केन्द्र, बेगूसराय शामिल किया गया है.
अध्ययन दल को अपना प्रतिवेदन सरकार को शीघ्र समर्पित करेगा. इसकी जानकारी कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने दी. गौरतलब है कि फॉल आर्मी वर्म एक बहुभोजी कीट है. यह मक्का, ज्वार, धान, गेहूं तथा गन्ना जैसे प्रमुख फसलों को पूर्ण रूप से नष्ट कर देता है. इसके अतिरिक्त चारे वाली घास, फसल, साग वाली फसलें, सूर्यमुखी, बंधागोभी एवं आलू को भी प्रभावित करता है.
