पटना : 34 जिलों में सामान्य से काफी कम हुई बारिश

पटना : प्रदेश में केवल चार जिले ऐसे हैं जहां सामान्य से कुछ ठीक बारिश हुई है. बक्सर में सामान्य से पांच, गोपालगंज में 16, सीवान में 14 और पश्चिमी चंपारण में सामान्य से 12 फीसदी अधिक बारिश हुई है. शेष 34 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गयी है. सबसे भयावह सूखे […]

पटना : प्रदेश में केवल चार जिले ऐसे हैं जहां सामान्य से कुछ ठीक बारिश हुई है. बक्सर में सामान्य से पांच, गोपालगंज में 16, सीवान में 14 और पश्चिमी चंपारण में सामान्य से 12 फीसदी अधिक बारिश हुई है. शेष 34 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गयी है.
सबसे भयावह सूखे की आहट उन 19 जिलों में है, जहां 30 फीसदी से कम बारिश दर्ज की गयी है. उल्लेखनीय है कि समूचे बिहार में अब तक सामान्य से 18 फीसदी कम बारिश दर्ज की गयी है.
सामान्य से 25 फीसदी से कम बारिश वाले जिले और वहां सामान्य से कम बारिश का प्रतिशत : बेगूसराय- 61, अरवल- 50, शेखपुरा में 45, पटना- 41, बांका- 37, रोहतास- 38, सहरसा- 35, लखीसराय- 35, नालंदा- 35, भोजपुर- 34, वैशाली- 33, मुंगेर- 33, जहानाबाद- 31, पूर्णिया- 31, गया- 30, जमुई- 30, खगड़िया-28, कटिहार- 27, नवादा- 25
नोट : ये सभी आंकड़े 1 जुलाई से 1सितंबर तक के हैं.
कोसी, गंडक व बागमती में जल स्तर बढ़ने की आशंका
राज्य में गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक और बागमती नदियों के जलस्तर में सोमवार को बढ़ोतरी की संभावना है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा नदी पटना के गांधीघाट में रविवार को खतरे के निशान से 70 सेंमी नीचे थी. इसमें तीन सेंमी बढ़ोतरी की संभावना है.
हाथीदह में यह खतरे के निशान से 85 सेंमी नीचे थी. इसमें 15 सेंमी बढ़ोतरी हो सकती है. साहेबगंज में यह खतरे के निशान से 58 सेंमी नीचे थी, इसमें पांच सेंमी बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं कोसी नदी का जलस्तर कुरसेला में खतरे के निशान से 90 सेंमी नीचे था, इसमें 10 सेंमी बढ़ोतरी की संभावना है. गंडक नदी का जलस्तर डुमरियाघाट में खतरे के निशान से 74 सेंमी नीचे था, इसमें 10 सेंमी बढ़ोतरी की संभावना है.
नेपाल के भैरहवा में हुई वर्षा से बूढ़ीगंडक और बागमती का जलस्तर बढ़ने की आशंका है. बूढ़ी गंडक का जलस्तर खगड़िया में खतरे के निशान से 100 सेंमी नीचे था, इसमें सोमवार को नौ सेंमी बढ़ोतरी हो सकती है. बागमती नदी का जलस्तर ढेग ब्रिज पर खतरे के निशान से 61 सेंमी नीचे था, इसमें 21 सेंमी बढ़ोतरी हो सकती है.
सूखे का भयावह असर रबी सीजन में दिखेगा : मौसम विज्ञानियों की रिपोर्ट है कि अभी वर्षा का सबसे भयावह असर सर्दियों में होगा. रबी में पानी की मांग के लिए जब गहरे नलकूपों से भू-जल दोहन होगा, उस समय भू-जल स्तर में कमी आयेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >