अनुपम कुमार, पटना : पटना एयरपोर्ट के 350 वृक्ष उखाड़ कर दूसरे जगह लगाये जायेंगे. इसमें टर्मिनल भवन के सामने के पेड़, एयरपोर्ट कॉलोनी के भीतर के पेड़ और आने जाने वाले रास्ते के दोनों ओर के वैसे पेड़ जो टर्मिनल निर्माण की जद में आयेंगे, शामिल हैं.
ये पेड़ जू, वेटनरी कॉलेज और आर ब्लॉक दीघा रोड में लगाये जायेंगे. इसके लिए टेंडर कर एजेंसी का चयन कर लिया गया है और उसे काम भी आवंटित किया जा चुका है. एजेंसी पिछले तीन-चार दिनों से वृक्षों के गणना और सर्वेक्षण का काम कर रही है. दो-तीन दिनों में वृक्षों को उखाड़ कर लगाने का काम शुरू हो जायेगा.
प्रति पेड़ 10 से 20 हजार के बीच लगेगा खर्च : पेड़ों को उखाड़कर दोबारा लगाने पर लगने वाला खर्च पेड़ के आकार और मोटाई के साथ साथ उसे कितनी दूर ले जाकर फिर से लगाना है, पर भी निर्भर करेगा. वेटनरी कॉलेज और जू के नजदीक होने की वजह से वहां ले जाकर पेड़ लगाने में अधिक खर्च नहीं पड़ेगा, लेकिन आर ब्लॉक दीघा सड़क पर ले जाकर लगाने में दूरी अधिक होने की वजह से खर्च अधिक लगेगा.
ऐसे होता है रीप्लांटेशन
रीप्लांटेशन के लिए उखाड़ने से एक-दो दिन पहले पेड़ की जड़ के निचले हिस्से की शिराओं को काट कर उस पर एक खास तरह का केमिकल डाला जाता है और उसके बाद उसमें मिट्टी लगाकर कपड़े बांध दिया जाता है. ऐसा करने पर जड़ सूखता नहीं और दो चार दिनों बाद नये जगह पर भीड्ढ़ा खोद कर पेड़ डाल देने पर वह लग जाता है. संवेदक एजेंसी ने पांच-छह पेड़ों को इस तरह से लगा कर एयरपोर्ट ऑथोरिटी को दिखाया भी है.
नीति के अनुरूप लिया निर्णय
राज्य सरकार की पर्यावरण नीति के अनुरुप पेड़ काटने की बजाय उसे उखाड़कर लगाने का निर्णय लिया गया है. पर्यावरण में पेड़ों के महत्व को देखते हुए यह जरूरी है.
भूपेश नेगी, एयरपोर्ट निदेशक
