दक्षिण बिहार से गुजर रही टर्फ लाइन
पटना : साेमवार को सामान्य से अच्छी बारिश होने का पूर्वानुमान आइएमडी, पटना ने जारी किया है. दक्षिण बिहार खासतौर पर गया के ऊपर से इन दिनों टर्फ लाइन गुजर रही है. लिहाजा पटना सहित समूचे दक्षिण बिहार में अच्छी बारिश की उम्मीद की जा रही है. आइएमडी के मुताबिक गया क्षेत्र में कम दबाव का केंद्र अभी कुछ दिन बना रह सकता है.
इधर, पटना में शनिवार-रविवार की शाम तक (51) मिलीमीटर बारिश होने से उच्चतम तापमान सामान्य से भी नीचे आ गया है. शनिवार को रविवार की तुलना में तीन डिग्री सेल्सियस कम तापमान रहा.
रविवार की सुबह से लेकर शाम पांच बजे तक करीब 28 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी. इससे पहले 24 घंटे में करीब 21 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. इस तरह पटना में पिछले दो दिन में तक करीब चार इंच से अधिक बारिश हो चुकी है. रविवार की सुबह करीब एक घंटे तेज धूप निकली. इसके बाद बादल छा गये. सुबह 10:15 बजे तेज बारिश शुरू हुई. करीब एक घंटे अच्छी-खासी बारिश हुई. इसके बाद दोपहर में एक बजे के आसपास भी अच्छी बारिश हुई. फिलहाल रविवार को बारिश से शहर तर-बतर हो गया. हालांकि, कई जगह जलजमाव भी देखा गया.
राजधानी पटना में अब भी सामान्य से कम बारिश
दो दिनों से अच्छी बारिश होने के बाद भी पटना में अभी तक कुल 369़ 5 मिलीमीटर बारिश हुई है. इस अवधि तक की पटना की सामान्य बारिश 604़ 9 मिलीमीटर है. जहां तक समूचे राज्य का सवाल है, अभी तक केवल 604़ 9 मिलीमीटर बारिश हुई है. हालांकि, राज्य में इस अवधि तक की सामान्य बारिश का आंकड़ा 917़ 3 मिलीमीटर रहा है.
पटना : जू के जलजमाव वाले इनक्लोजर से पानी निकाला गया
पटना : दो दिनों की बारिश से रविवार को पटना जू के कई इनक्लोजर में जलजमाव हो गया था. राइनो और सांभर के इनक्लोजर में यह सबसे अधिक था.
बाघ, भालू, शेर आदि जानवरों के इनक्लोजर में भी हल्का जलजमाव था. इससे उनमें मच्छरों और कीड़ों के पनपने का अंदेशा था, जिसे देखते हुए जू प्रशासन ने उन्हें ट्यूववेल से बाहर निकाला. उसके बाद जलजमाव वाले गड्डेनुमा स्थलों पर बालू डालकर उन्हें भरा गया ताकि आगे जलजमाव न हो. ऐसे स्थलों पर चूने का छिड़काव भी किया गया ताकि उन्हें संक्रमणमुक्त रखा जा सके.
जू के निदेशक अमित कुमार ने कहा कि पूरे बरसात जहां भी जलजमाव होगा, हमारा प्रयास उसे पंप कर बाहर निकालने और ऐसे स्थलों पर मच्छरों और कीड़ों को पनपने से रोकना और उन्हें संक्रमणमुक्त रखना रहेगा ताकि जू के पशुपक्षियों के स्वास्थ्य को किसी तरह के नुकसान की आशंका न रहे.
