पटना : सीबीएसइ के द्वारा 10वीं व 12वीं में सभी वर्गों के लिए परीक्षा फीस को 750 से बढ़ा कर 1500 कर दिया गया है. बढ़ोतरी के बाद उसका विरोध भी शुरू हो गया है. इसी के साथ सीबीएसइ ने भी फीस में बढ़ोत्तरी क्यों की, इसको लेकर सफाई दी है.
सीबीएसइ की पीआरओ रमा शर्मा के अनुसार फीस की बढ़ोत्तरी जरूरी हो गयी थी और इसके कई कारण हैं. परीक्षा केंद्रों पर सौ प्रतिशत आॅब्जर्वर की नियुक्ति की गयी थी. कुल पांच हजार अतिरिक्त ऑब्जर्वर तथा 5000 डिप्टी सेंटर सुपरिटेंडेंट नियुक्त किये गये थे.
एक लाख अतिरिक्त शिक्षकों को मूल्यांकन में तथा वीक्षकों को परीक्षा केंद्रों पर लगाया गया था. इनका पारिश्रमिक को 33 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है. पेपर, प्रिंटिंग, ट्रांसपोटेशन तथा स्टोरेज आदि में आने वाले खर्च को भी कारण बताया गया है.
नयी तकनीकों का प्रयोग और ढ़ाई लाख लोगों की ट्रेनिंग में आने वाला खर्च भी इसका कारण है. एनटीए को परीक्षा का भार दिया जाना और पिछले पांच वर्षों से फीस नहीं बढ़ायी गयी थी, इसलिए इसे बढ़ोतरी को जरूरी बताया गया है. उन्होंने कहा है कि इस बढो़त्तरी के बाद कोई लाभ या हानी सीबीएसइ को नहीं होगा.
