पटना : बिहार विधानसभा की पांच रिक्त सीटों पर होनेवाला उप चुनाव राज्य में महागठबंधन के घटक दलों के बीच पहली परीक्षा होनेवाली है. ये सभी पांच सीटें लोकसभा चुनाव के बाद रिक्त हुई हैं. पांचों सीटों में से एक सीट पर कांग्रेस विधायक विजयी हुए थे जबकि चार विधानसभा सीटों पर जनता दल यू के विधायक विजयी हुए थे. इन सीटों पर राजद के खाते में एक भी सीट नहीं थी. विधानसभा उप चुनाव में अब महागठबंधन दलों के बीच सीटों का बंटवारा किया जाना है.
2020 के पहले महागठबंधन की परीक्षा
पटना : बिहार विधानसभा की पांच रिक्त सीटों पर होनेवाला उप चुनाव राज्य में महागठबंधन के घटक दलों के बीच पहली परीक्षा होनेवाली है. ये सभी पांच सीटें लोकसभा चुनाव के बाद रिक्त हुई हैं. पांचों सीटों में से एक सीट पर कांग्रेस विधायक विजयी हुए थे जबकि चार विधानसभा सीटों पर जनता दल यू […]

लोकसभा चुनाव में महागठबंधन के अंदर राजद, कांग्रेस, रालोसपा, हम और वीआइपी पार्टी शामिल थी. लोकसभा चुनाव में किशनगंज विधानसभा के कांग्रेस विधायक मो जावेद, सिमरीबख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र से जदयू के दिनेश चंद्र यादव, दरौंदा विधानसभा क्षेत्र से जदयू की कविता सिंह, नाथनगर विधानसभा क्षेत्र से जदयू के अजय मंडल और बेलहर विधानसभा क्षेत्र से जदयू के विधायक गिरिधारी यादव सांसद निर्वाचित हो गये है.
सांसद चुने जाने के बाद जदयू और कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा की सीटों का त्याग कर दिया है. मई में विधायकों द्वारा रिक्त की गयी इन सभी सीटों पर उप चुनाव की संभावना है. हालांकि अभी तक निर्वाचन आयोग द्वारा उप निर्वाचन की घोषणा नहीं की गयी है.
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को छोड़ महागठबंधन के सभी दलों का सुपड़ा साफ हो गया था. इसके बाद महागठबंधन के घटक दलों ने हार का ठीकरा राजद पर फोड़ा था. लोकसभा चुनाव के झटके के बाद राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव का अभी तक राजनीतिक सक्रियता नहीं दिख रही है. इधर कांग्रेस अपनी जीती गयी एक किशनगंज विधानसभा सीट के अलावा नाथनगर और दरौंदा विधानसभा पर भी नजर गड़ाये हुए हैं.
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह कहते हैं कि पार्टी एक से अधिक सीटों पर दावेदारी करेगी. इसमें नाथनगर और दरौंदा की सीट शामिल है. हालांकि उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे के बाद एक सप्ताह के अंदर दिल्ली में हाइकमान से बात करेंगे. हाइकमान से बात करने के बाद ही पार्टी आगे की रणनीति पर काम करेगी.