कश्मीर का साइड इफेक्ट : अर्चना एक्सप्रेस में यात्रियों की घटी संख्या, महज 150 यात्री ही गये जम्मू

पटना : जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला, नियंत्रण रेखा पर तनातनी और अनुच्छेद-370 खत्म होने के बाद माहौल गर्म है. इसका असर मंगलवार को पटना से जम्मू-तवी जाने वाली ट्रेनों में भी दिखी. राजेंद्र नगर टर्मिनल से प्रत्येक सप्ताह मंगलवार व शनिवार को खुलने वाली ट्रेन संख्या 12355 राजेंद्र नगर-जम्मू तवी अर्चना एक्सप्रेस में भारी भीड़ […]

पटना : जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला, नियंत्रण रेखा पर तनातनी और अनुच्छेद-370 खत्म होने के बाद माहौल गर्म है. इसका असर मंगलवार को पटना से जम्मू-तवी जाने वाली ट्रेनों में भी दिखी.
राजेंद्र नगर टर्मिनल से प्रत्येक सप्ताह मंगलवार व शनिवार को खुलने वाली ट्रेन संख्या 12355 राजेंद्र नगर-जम्मू तवी अर्चना एक्सप्रेस में भारी भीड़ वैष्णो देवी के दर्शन करने वाले यात्रियों की होती थी. लेकिन, मंगलवारको करीब 150 यात्रियों को लेकर ही राजेंद्र नगर से खुली. इसमें अधिकतर यात्री वाराणसी, लखनऊ, बरेली, अंबाला व पठानकोट जाने वालेथे. हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक बर्थ करीब 80 फीसदी फुल है.डीडीयू या उससे आगे के स्टेशनों से बुकिंग है.
डिब्बे में 100 यात्री भी नहीं थे सवार
अर्चना एक्सप्रेस मंगलवार को राजेंद्र नगर से डेढ़ घंटे की देरी से सुबह सात बजे के बदले साढ़े आठ बजे रवाना हुई. लेकिन, ट्रेन के 11 स्लीपर डिब्बे में सिर्फ 100 के करीब ही यात्री सवार दिखे. आलम यह था कि जनरल के दो डिब्बे हैं, जिसमें बैठने के लिए जगह-ही-जगह दिखायी दे रहा था.
वहीं, थर्ड एसी के चार डिब्बे और सेकेंड व फर्स्ट एसी के एक-एक डिब्बे भी खाली थे. जबकि, अर्चना एक्सप्रेस साप्ताहिक होने की वजह से टिकट के लिए हमेशा मारामारी की स्थिति बनी रहती थी. इस ट्रेन में यात्रियों की भीड़ होने की वजह से अमूमन वेटिंग टिकट कंफर्म नहीं होता है. लेकिन, कश्मीर में तनाव होने की वजह से ट्रेन खाली-खाली रवाना हुई.

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