पटना : वाहन का इंश्योरेंस पेपर खो गया है तो न हों परेशान

पटना : कार हो या बाइक सभी के लिए इंश्योरेंस का होना आवश्यक होता है. नये मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक के अनुसार वैध और अप टू-डेट कार इंश्योरेंस के बिना ड्राइविंग पर जुर्माने के रूप में 2,000 रुपये का फाइन या तीन साल की जेल की सजा तय की गयी है. ऐसे में वाहन का […]

पटना : कार हो या बाइक सभी के लिए इंश्योरेंस का होना आवश्यक होता है. नये मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक के अनुसार वैध और अप टू-डेट कार इंश्योरेंस के बिना ड्राइविंग पर जुर्माने के रूप में 2,000 रुपये का फाइन या तीन साल की जेल की सजा तय की गयी है. ऐसे में वाहन का इंश्योरेंस पेपर गुम हो जाए तो आपको क्या करना चाहिए. ओरियंटल इंश्योरेंस के शाखा प्रबंधक सुजीत कुमार वर्मा बताते हैं कि अगर आपने बीमा एजेंट के माध्यम से गाड़ी का बीमा करवाया है, तो पेपर गुम होने पर तत्काल एजेंट से संपर्क करें. अधिकांश एजेंट बीमा पत्रों की एक प्रति अपने पास रखते हैं.
बीमा कंपनियां किसी भी कार या बाइक बीमा से संबंधित समस्याओं और शिकायत के बारे में अपने ग्राहकों को इ-मेल सहायता प्रदान करती हैं. आपके पास बीमा का नंबर भी नहीं है, तो अपने बीमाधारक को अपनी रजिस्टर्ड मेल आइडी से उनके ग्राहक सहायता इ-मेल आइडी पर मेल करें और पेपर के गुम होने की पूरी जानकारी दें. वर्मा ने बताया कि आपका रजिस्ट्रर्ड मोबाइल नंबर या इमेल बीमाधारक को आपकी बीमा पॉलिसी का विवरण खोजने में मदद करेंगे. कंपनियों के पास एक इ-पोर्टल होता है, जहां ग्राहक अपने वाहन बीमा पॉलिसी की डुप्लीकेट कॉपी को पुन: प्राप्त कर सकते हैं. इंश्योरेंस पेपर गुम होने पर बीमा कंपनी को एक आवेदन के माध्यम से यह जानकारी आपको देनी होगी. ब्रांच जाना से पहले एफआइआर की जरूरत होगी. कंपनियां एफआइआर कॉपी के बिना डुप्लिकेट वाहन बीमा कागजात जारी नहीं करती हैं.
डुप्लिकेट पॉलिसी जारी करने के लिए आप इंश्योरेंस कंपनी के ब्रांच में जो आवेदन पत्र दाखिल करते हैं, उसमें आपको सही जानकारी देनी होगी.

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