पटना : राज्य में परिवेशीय वायु की गुणवत्ता में सुधार लाने के मकसद से शुक्रवार को हुई बिहार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 104वीं बैठक में निर्णय लिया गया कि एक सितंबर से राज्य के अंदर स्वच्छतर (न्यूनतम प्रदूषण) तकनीक पर आधारित ईंट भट्ठों को ही स्थापना व संचालन की अनुमति दी जायेगी. राज्य में मौजूदा सभी ईंट भट्ठा इकाइयों को 31 अगस्त, 2017 और उसके बाद 31 अगस्त, 2018 तक उन्नत व स्वच्छतर तकनीक में परिवर्तित कर लेने के निर्देश दिये थे.
हालांकि, उसके बाद भी कुछ ईंट-भट्टा मालिकों ने निर्धारित समय सीमा में स्वच्छतर तकनीक नहीं अपनायी गयी. अत: राज्य में वायु की गुणवत्ता की स्थिति को देखते हुए व पटना उच्च न्यायालय की तरफ से पारित एक आदेश के आलोक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्य में पुरानी तकनीक पर संचालित सभी ईंट निर्माण इकाइयों को निर्देशित किया है कि वे पुरानी तकनीक पर आधारित अपने ईट-भट्ठाें इकाई को 31 अगस्त तक स्वच्छतर या न्यूनतम प्रदूषण वाली तकनीक में परिवर्तित कर लें. अगर निर्धारित तिथि के बाद भी ऐसी ईंट-भट्ठा इकाइयों के तकनीक में परिवर्तित नहीं किया जाता है तो उन पर कार्रवाई होगी.
