पटना : जानिए क्‍यों बीच में ही पढ़ाई छोड़ रहे आइआइटी के स्टूडेंट्स

अनुराग प्रधान पटना : आइआइटी पटना में पिछले दो सालों में कई स्टूडेंट्स ने अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी है. इसमें बीटेक के साथ-साथ एमटेक और पीएचडी प्रोग्राम के स्टूडेंट्स भी शामिल हैं. इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. आइआइटी पटना में पिछले दो सालों में 127 स्टूडेंट्स बीच में पढ़ाई छोड़ चुके […]

अनुराग प्रधान
पटना : आइआइटी पटना में पिछले दो सालों में कई स्टूडेंट्स ने अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी है. इसमें बीटेक के साथ-साथ एमटेक और पीएचडी प्रोग्राम के स्टूडेंट्स भी शामिल हैं. इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.
आइआइटी पटना में पिछले दो सालों में 127 स्टूडेंट्स बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं, जिनमें सामान्य वर्ग के 92 और आरक्षित वर्ग के 35 स्टूडेंट्स शामिल हैं. आइआइटी पटना में इस बार 361 सीटें हैं, वहीं 2018 में आइआइटी पटना में 225 सीटें थीं. बीच में पढ़ाई छोड़नेवालों की सबसे अधिक संख्या आइआइटी दिल्ली की है. आइआइटी दिल्ली में 782 स्टूडेंट्स ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी है. वहीं आइआइटी खड़गपुर में 622 स्टूडेंट्स ने पढ़ाई छोड़ी है. पढ़ाई छोड़नेवाले सबसे कम छात्रों की संख्या बीटेक की है. वहीं सबसे अधिक संख्या एमटेक और पीएचडी डिग्री हासिल करने वाले स्टूडेंट्स की है.
विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादातर स्टूडेंट्स जॉब के चक्कर में पड़ जाते हैं. वहीं कुछ आर्थिक स्थिति से परेशान होकर भी पढ़ाई छोड़ देते हैं. आइआइटी पटना के जनसंपर्क अधिकारी डॉ सम्राट मंडल कहते हैं कि पीएचडी करने में काफी वक्त लगता है. इस दौरान स्टूडेंट्स नौकरी की तलाश में भी रहते हैं. नौकरी मिल जाने पर वह बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए.
पारिवारिक कारण और तनाव में भी आकर छोड़ देते हैं पढ़ाई : एक अधिकारी के अनुसार बीटेक के स्टूडेंट्स अन्य कारण से भी पढ़ाई छोड़ते हैं. इसमें पारिवारिक कारण, तनाव, सिलेबस को नहीं समझ पाना प्रमुख हैं. असर रिजल्ट पर पड़ता है.

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