पटना : उग्रवाद प्रभावित नौ जिलों में बेरोजगार युवाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुसार विशेष ट्रेनिंग दी जायेगी. ट्रेनिंग छह महीने का होगा और इसके लिए सभी नौ जिलों में एक-एक विशेष आइटीआइ और दो-दो कौशल विकास केंद्र खुल चुके हैं. श्रम संसाधन विभाग ने इन जिलों की स्थानीय जरूरतों के अनुसार सर्वे शुरू किया है. सर्वे होने के बाद ट्रेनिंग शुरू होगा.श्रम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि गया, जमुई, औरंगाबाद, रोहतास, जहानाबाद, अरवल, मुजफ्फरपुर, बांका और नवादा शामिल है.
सर्वे में यह देखा जा रहा है कि किस जिले में कौन सी ट्रेनिंग दी जाये, जो बेरोजगारों के लिए लाभकारी हो. सर्वे के बाद देखा जायेगा कि बेरोजगारों को कितने दिनों के प्रशिक्षण की जरूरत है, ताकि वह खुद से रोजी-रोजगार कर सकें.
देश के 10 राज्यों के 47 जिलों में शॉर्ट टर्म प्रशिक्षण देने का निर्णय : केंद्र सरकार ने देश के 10 राज्यों के 47 जिलों में शॉर्ट टर्म प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है. इसके लिए हरेक जिलों में एक-एक विशेष आइटीआइ और दो-दो कौशल विकास केंद्र खोलने का निर्णय हुआ है, लेकिन बिहार के सभी जिला व अनुमंडल मुख्यालय में एक-एक आइटीआइ है.
