Patna Green City Project: पटना शहर को साफ, सुंदर और ग्रीन बनाने के लिए बड़े पैमाने पर नए पार्क बनाए जा रहे हैं और पुराने पार्कों को नया रूप दिया जा रहा है. पिछले 20 सालों में पटना में 113 पार्क बन चुके हैं या उनका पुनर्निर्माण किया गया है.
हर उम्र के लोगों के लिए खास सुविधाएं
इन पार्कों में सिर्फ पेड़-पौधे ही नहीं लगाए गए हैं, बल्कि लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई नई सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं. ज्यादातर पार्कों में वॉकिंग ट्रैक, ओपन जिम, बच्चों के खेलने के आधुनिक झूले और बुजुर्गों के बैठने की अच्छी व्यवस्था की गई है. महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी खास ध्यान रखा गया है.
अब पार्क बन रहे फिटनेस और मेलजोल के केंद्र
पहले जहां पार्क सिर्फ घूमने की जगह माने जाते थे, अब वे फिटनेस और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनते जा रहे हैं. सुबह और शाम बड़ी संख्या में लोग यहां टहलने, योग करने और एक्सरसाइज के लिए पहुंच रहे हैं. इससे शहर के लोगों की दिनचर्या में अच्छा बदलाव देखा जा रहा है.
नए पार्कों का काम तेजी से जारी
पटना में पाटलिपुत्र पार्क और अटल पार्क का निर्माण तेजी से हो रहा है. इसके अलावा कंकड़बाग, राजेंद्र नगर, दानापुर और फुलवारी शरीफ जैसे इलाकों में भी नए आधुनिक पार्क तैयार किए जा रहे हैं. इन पार्कों में योगा जोन, फव्वारे, थीम बेस्ड गार्डन और बच्चों के लिए खास खेल क्षेत्र होंगे.
चार साल में 37 नए पार्क बनेंगे
आने वाले चार वर्षों में शहर में 37 नए पार्क बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इनमें औषधीय पौधे, सुंदर सजावटी हरियाली और बच्चों के लिए अलग प्ले एरिया बनाए जाएंगे. साथ ही वर्षा जल संचयन, आधुनिक लाइटिंग और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी.
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पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों पर जोर
अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का मकसद सिर्फ शहर को सुंदर बनाना नहीं, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करना भी है. पटना में पार्कों का यह विस्तार शहर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ लोगों को बेहतर जीवन जीने का मौका दे रहा है.
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