पटना : मिड डे मील बांटने की व्यवस्था बुरी तरह लड़खड़ा गयी है. सिपारा स्थित सेंट्रलाइज किचिन का वायलर खराब हो जाने से मुख्य शहर के 200 से अधिक स्कूलों में शुक्रवार को मध्याह्न भोजन नहीं बांटा जा सका. हालांकि वायलर दोपहर बाद ही बनाया जा सका.
शनिवार से मध्याह्न भोजन वितरण व्यवस्था दुरुस्त हो जाने की संभावना है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक वायलर चलने के बाद अचानक खराब हो गया. 220 में से केवल 15-20 स्कूलों के लिए ही मध्याह्न भोजन बन सका. गर्दनीबाग, गोलघर, पटना सदर, बांकीपुर आदि क्षेत्रों के 200 से अधिक स्कूलों में मध्याह्न भोजन नहीं बांटा जा सका है.
हालांकि स्कूलों को भोजन नहीं पहुंचने की सूचना काफी देरी से मिली. इससे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा. जिन स्कूलों के आसपास खाद्य वस्तु से जुड़ी दुकानें नहीं थीं, वहां बच्चे भूखे ही रह गये. बता दें कि राजधानी और उसके आसपास के 1005 प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में इन दिनों मध्याह्न भोजन ‘जन चेतना जागृति एवं शैक्षणिक विकास मंच’ नाम का एनजीओ बांट रहा है. एनजीओ पर मध्याह्न भोजन वितरण की जिम्मेदारी आने के बाद स्कूलों में मध्याह्न भोजन समय पर नहीं पहुंच पा रहा है. इस मामले को शासन ने भी संज्ञान में लिया है.
एनजीओ ने भोजन बांटने के लिए प्रॉपर अध्ययन करने को कहा गया है. चूंकि व्यवस्था नई है, इसलिए उसे दुरुस्त करने की चेतावनी दी गयी है. एनजीओ को इस मामले में जरूरी दिशा निर्देश दिये गये हैं.
रूपेंद्र कुमार, डीपीओ एवं मध्याह्न भोजन प्रभारी
