पटना : विधानसभा की पहली पाली की कार्यवाही के दौरान शून्यकाल में सदस्यों ने कई अहम मसलों को उठाया. विधायक तारकिशोर प्रसाद ने शिक्षकों के मामले को उठाते हुए कहा कि उच्च माध्यमिक विद्यालय में 4257 अभ्यार्थियों को अतिथि शिक्षकों के रूप में नियुक्त किया गया है. परंतु पंचम शिक्षक नियोजन के बाद इनकी सेवा खुद समाप्त हो जायेगी, जिससे अतिथि शिक्षकों का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा.
सरकार कार्यरत शिक्षकों को नियोजित शिक्षकों के पद पर समायोजित करे. दीघा विधायक संजीव चौरसिया ने कहा कि पटना स्थित गंगा नदी के किनारे शिवा घाट, पाटीपुल घाट, मीनार घाट, जर्नादन घाट, दीघा घाट, कुर्जी घाट ऐसे कई घाट है, जिसका पक्कीकरण नहीं हुआ है. इसके कारण कटाव की स्थिति लगातार बनी रहती है.
इन घाटों का पक्कीकरण कराने और दाह संस्कार के लिए मुक्ति धाम का निर्माण कराने की मांग की. विजय कुमार खेमका ने बाढ़ के दौरान महिला और बच्चों की ट्रैफिकिंग का मामला उठाते हुए सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने की बात कही. प्रशासन को इसके लिए खासतौर से चौकन्ना रहने के लिए कहा है. शून्यकाल के दौरान भागीरथी देवी, समीर कुमार महासेठ समेत अन्य अलग-अलग मामले को उठाया.
