पटना : उद्योग विभाग की निगरानी में चलने वाली वित्तीय संस्थानों द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष में लायी गयी एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) से करीब 22 करोड़ की ही वसूली हो पायी. हालांकि, विभाग ओटीएस स्कीम से और लाभ की उम्मीद कर रहा था.
विभाग अपने इन दोनों वित्तीय संस्थान का पुर्नद्धार कर रहा है. औद्योगिक इकाइयों के अलावा निगम हाउसिंग और वाहन लोन भी देने की तैयारी में है. बिसिको और बीएसएफसी जैसे वित्तीय संस्थान की स्थिति यह हो गयी है कि इन लोगों ने जो कर्ज दिया था उसमें मूलधन से अधिक ब्याज की राशि हो गयी थी. इन निगमों को फिर से खड़ा करने के लिए ओटीएस स्कीम लाया गया. इसके तहत राज्य सरकार के संस्थानों बीएसएफसी, बिसिको और बीएसआइडीसी से जो कर्ज लिया था उनको मूलधन के अलावा 10 प्रतिशत और देना था.
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीएसएफसी के कुल लोन 41.86 करोड़ में से 13.62 करोड़ की वसूली हुई. इसी प्रकार विसिको के ओटीएस स्कीम में 30 करोड़ से अधिकबकाये में 8.24 करोड़ की वसूली हुई. ओटीएस स्कीम को फरवरी से बढ़ाकर मार्च तक किया गया था. विभाग ने इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया था.
