पटना : राज्य में नयी औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति लागू होने के बाद से अब तक 14855 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव आया है. इसमें सबसे अधिक प्रस्ताव खाद्य प्रसंस्करण के सेक्टर के हैं. अब तक कुल 1104 प्रस्ताव में से 515 प्रस्ताव खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के हैं. अभी राज्य में खाद्य प्रसंस्करण की कार्यरत 79 यूनिट सहित कुल 168 यूनिट चालू है. कार्यरत इकाइयों में 1419 करोड़ का निवेश है और इसमें 4031 लोगों को रोजगार मिला हुआ है.
राज्य में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 2016 में नयी औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति लागू की गयी है. इसके तहत राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद का गठन किया गया है. पिछले दिनों निवेश प्रोत्साहन पर्षद की बैठक में 76 प्रस्तावों को स्टेज – वन का क्लीयरेंस दिया गया. राज्य के उद्योग सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि सरकार राज्य में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्पित है.
नयी निवेश प्रोत्साहन नीति लागू होने के बाद कुल 1249 आवेदन एसआइपीबी के समक्ष आये. इसमें से 1104 को स्टेज वन का क्लीयरेंस मिल गया है. इसमें कुल 14855. 54 करोड़ का निवेश होगा. इसमें से वित्तीय प्रोत्साहन क्लीयरेंस के लिए 360 प्रस्ताव आये. इसमें से 256 को स्वीकृति भी मिल गयी है. इसमें 2091 करोड़ का निवेश होगा. अभी राज्य में 168 यूनिट काम कर रहा है. कार्यरत यूनिटों में 1419. 8863 करोड़ का निवेश है.
अब तक सरकार ने 55 करोड़ से अधिक राशि इन यूनिटों को अनुदान के रूप में दे चुकी है. राज्य में खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर के 515 यूनिट को स्टेज वन की क्लीयरेंस मिल चुका है. अभी राज्य में खाद्य प्रसंस्करण के 79 यूनिट काम कर रहे हैं. खाद्य प्रसंस्करण के बाद प्लास्टिक एवं रबर सेक्टर में निवेश हो रहा है. इस सेक्टर में 17 यूनिट चल रहे हैं तथा 125 को स्टेज वन का क्लीयरेंस मिल चुका है.
