सूखे की भी मार : 18 जिलों में अब तक 25% से कम हुई रोपनी

पटना : राज्य के किसान बाढ़ के साथ-साथ सूखे की दोहरी मार झेल रहे हैं. 12 जिलों के किसान जहां बाढ़ से तबाह हैं, तो 18 जिलों के किसान सूखे से पस्त हैं. इन 18 जिलों में अब तक 25% से कम धान की रोपनी हुई है. इनमें सात जिलों में तो पांच फीसदी से […]

पटना : राज्य के किसान बाढ़ के साथ-साथ सूखे की दोहरी मार झेल रहे हैं. 12 जिलों के किसान जहां बाढ़ से तबाह हैं, तो 18 जिलों के किसान सूखे से पस्त हैं. इन 18 जिलों में अब तक 25% से कम धान की रोपनी हुई है.

इनमें सात जिलों में तो पांच फीसदी से भी कम रोपनी हुई है. जुलाई महीने के 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पूरे राज्य में 28% ही रोपनी हो पायी है. बिचड़े की बुआई लगभग हो चुकी है. 3.30 लाख हेक्टेयर की जगह 3.20 लाख हेक्टेयर में बिचड़ा डाला जा चुका है. कृषि विभाग ने इस वर्ष 33 लाख हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है. जून में सामान्य से 41%कम बारिश होने के चलते बिचड़ा डालने में ही देरी हुई.

इसके चलते भी रोपनी में देरी हुई है. उत्तर बिहार और सीमांचल के जिन जिलों में अच्छी रोपनी हुई है, वहां बाढ़ आ गयी है. बाढ़ से धान की फसलों के साथ-साथ बिचड़े का भी नुकसान हुआ है. पानी उतरने के बाद ही क्षति का सही-सही आकलन हो पायेगा. पिछले एक सप्ताह से बारिश भी नहीं हो रही है.

बारिश नहीं होने से धान की रोपनी की रफ्तार धीमी पड़ी है. जुलाई के पहले और दूसरे सप्ताह में अच्छी बारिश होने से 19 जुलाई तक तो राज्य में सामान्य से 41% अधिक बारिश हुई है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से छिटपुट बारिश हो रही है. राज्य में लक्ष्य 33 लाख हेक्टेयर की जगह अब तक करीब नौ लाख हेक्टेयर में रोपनी हुई है. कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जमुई जिले में अब तक एक धूर में रोपनी नहीं हुई है.

इन 18 जिलों में 25% से कम रोपनी

राज्य के 18 जिले नालंदा. भोजपुर, रोहतास, कैमूर, गया. जहानाबाद, अरवल, नवादा. औरंगाबाद, सीवान, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर, शेखपुरा लखीसराय, जमुई, भागलपुर और बांका जिलों में अब तक 25% से भी कम रोपनी हुई है. नालंदा, भोजपुर, गया, शेखपुरा, लखीसराय, बांका और भागलपुर ऐसे जिले हैं, जहां पांच फीसदी से कम रोपनी हुई है.

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