विस में भवन निर्माण मंत्री ने की घोषणा
पटना : विधानसभा में भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि जल संरक्षण पर सरकार तेजी से काम कर रही है. भवन निर्माण विभाग के पिलिंथ तक तैयार सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की कार्ययोजना विभाग ने तैयार कर ली है.
इसे अक्तूबर तक पूरा कर लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि भवनों के समुचित रख-रखाव के लिए केंद्रीय एजेंसी सीपीडब्ल्यूडी की तर्ज पर एक अनुरक्षण एवं मरम्मति नीति तैयार की जा रही है. इसमें ऑनलाइन शिकायत पोर्टल और चौबीस घंटे केंद्रीयकृत कॉल सेंटर की व्यवस्था की जायेगी.
विभागीय मंत्री ने अपने वक्तव्य के दौरान चरवाहा विद्यालय को बदहाली और पिछड़ेपन का
अभिप्राय बताते हुए राजद के शासनकाल पर टिप्पणी की. इस पर राजद समेत सभी विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया और सदन से वॉकआउट कर दिया. मंत्री ने कहा कि राज्य में भवनों को स्टेट ऑफ आर्ट के रूप में तैयार किया जा रहा है.
भवनों के रख-रखाव पर खास ध्यान
नये के साथ पुराने भवनों के रख-रखाव पर भी खासतौर से ध्यान दिया जा रहा है. मुख्य सचिवालय का सौंदर्यीकरण के लिए इसकी गैलरी में आर्ट और पिलिंथ लेवल पर मिथिला पेंटिंग सजाये जा रहे हैं.
सभी नये प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग के लिए अलग से सिस्टम तैयार किया जा रहा है. उन्होंने हाल में बने सभी नये एवं ऐतिहासिक भवनों का जिक्र करते हुए कहा कि भवनों को डेथ-स्पेस नहीं मानते हुए इन्हें जीवंत स्पेस के रूप में विकसित करना विभाग का उद्देश्य है. वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए मंत्री ने 53 अरब 75 करोड़ का बजट प्रस्ताव सदन के पटल पर रखा, जो पारित हो गया.
विभागीय बजट पर हुए वाद-विवाद में भोला यादव, आलोक मेहता, वशिष्ठ सिंह, समीर कुमार महासेठ, विजय प्रकाश यादव, महबूब आलम, भागीरथी देवी, निरंजन कुमार मेहता समेत अन्य शामिल हुए. विधायिका पद्मश्री भागीरथी देवी ने भोजपुरी में सरकार के पक्ष में अपनी बात रखी.
