पटना : पटना शहर की रहने वाली विमला देवी की आंखें मरने के बाद भी दुनिया देख सकेंगी. शुक्रवार को उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी आंखें आइजीआइएमएस को दान कर दीं. स्व विमला का निधन कंकड़बाग स्थित एक निजी अस्पताल में शुक्रवार की देर रात इलाज के दौरान हो गया.
नेत्रदान समाज सेवी पारस जैन ने कहा कि कई लोगों द्वारा नेत्रदान का संकल्प लिया जाता है, लेकिन दानकर्ता की मृत्यु होने के उपरांत परिजनों को दान की जानकारी का अभाव अथवा भ्रांतियों से नेत्रदान नहीं हो पाता है. विमला देवी के परिजनों ने खुद भी नेत्रदान की इच्छा जतायी है, जो दूसरों के लिए प्रेरणादायी है.
जरूरतमंदों को लगेगी कॉर्निया : स्वर्गीय विमला देवी के परिजनों ने आगे बढ़ कर आइजीआइएमएस से संपर्क किया और नेत्रदान को सुनिश्चित कराया. परिजनों ने बताया कि नेत्रदान में मात्र कॉर्निया ही ली जाती है, इससे मृतक के चेहरे पर किसी तरह का कोई निशान नहीं होता है, आंख का बाहरी हिस्सा यथावत रहता है. इसको लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां हैं. इसे दूर करना जरूरी है. सभी को नेत्रदान के लिए आगे आना चाहिए. वहीं आइजीआइएमएस नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विभूति प्रसाद सिन्हा ने कहा कि कॉर्निया जरूरतमंद को लगायी जायेगी.
