पटना : मंत्रियों, जजों, व अधिकारियों के सरकारी बंगले में प्रवेश करने व छोड़ने के समय बंगला की वीडियोग्राफी होगी. ताकि यह प्रत्यक्ष प्रमाण रहे कि बंगला की क्या स्थिति है. इसके साथ ही बंगला में सरकारी खर्च पर लगाये गये सभी सामग्रियों की सूची भी तैयार होगी. सरकारी बंगला में अनावश्यक खर्च रोकने के लिए विभाग ने यह निर्णय लिया है.
इस संबंध में सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता व कार्यपालक अभियंता को पत्र भेजा गया है. विभाग ने सदस्य(न्यायिक) लोकायुक्त के निर्देश का अनुपालन करने का निर्णय लिया है. सदस्य(न्यायिक) लोकायुक्त की 31 मई 2019 को सुनवाई हुई थी.
इस दौरान उल्लेखित किया गया कि देखा जाता है कि जब किसी न्यायाधीश, उच्चाधिकारी व मंत्रिगण द्वारा सरकारी बंगला छोड़ा या बदला जाता है तो सोफा या परदा के साथ-साथ फर्श पर लगे नये टाइल्य या मार्बल को भी तोड़ कर उसके स्थान पर मनपसंद लगाया जाता है. इससे सरकारी राशि अनावश्यक रूप से खर्च होती है.
