पटना : दीघा थाने के रामजीचक बाटा के पास हुए चाय दुकानदार सैयद वहजाद अहमद की हत्या मामले में तीनों नामजद आरोपित राहुल, आशीष व बिल्ला को पकड़ने के लिए पुलिस ने कई इलाकों में छापेमारी की. हालांकि, वे फरार हैं. पुलिस ने एक युवक को पकड़ा है. उससे पूछताछ हो रही है.
इधर, डीएसपी विधि व्यवस्था राकेश कुमार के नेतृत्व में एसएसपी गरिमा मलिक ने एक विशेष टीम का गठन किया है. खान टी स्टॉल चलाने वाले सैयद वहजाद अहमद की पत्नी सरवत राणा के बयान पर राहुल, आशीष व बिल्ला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. सूत्रों के अनुसार डेढ़ साल पहले सैयद वहजाद ने कुछ युवकों पर मारपीट व रंगदारी का केस किया था. तब आरोपितों को जेल भेजा गया था.
फरार तीनों बदमाश वहजाद की दुकान पर आते थे. वे चाय व कोल्ड ड्रिंक्स का पैसा भी नहीं देते थे. मांगने पर झगड़ा करते थे. बुधवार को पैसा मांगने पर बदमाशों ने गोली मार दी थी. इधर, पुलिस को सीसीटीवी से अपराधियों की तस्वीर हाथ लग गयी है. छानबीन में यह बात सामने आयी है कि अपराधी वहजाद की हत्या के इरादे से आये थे.
सासाराम लौटा परिवार
वहजाद अहमद की हत्या के बाद खान परिवार से साया उठ गया है. हादसे के बाद उनकी पत्नी, चार बेटियां व एक बेटा रोहतास के अकबरपुर स्थित अपने पैतृक गांव लौट गये. वहजाद की मौत के बाद परिवार के लोग उनके शव को लेकर रोहतास चले गये. शुक्रवार को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. सैयद वहजाद परिवार के एकलौते कमासुत थे. वे दीघा के जहाज गली में कई साल से किराये पर परिवार संग रह रहे थे. वहजाद की बड़ी बेटी ने पिछले साल ही 10वीं पास की थी. बाकी दो बेटियां और 11 साल का बेटा पढ़ाई कर रहे हैं.
वहजाद अहमद के बड़े भाई नौशाद अहमद ने बताया कि अब उनका परिवार पटना में कैसे रहेगा? सब कुछ उजड़ गया. वहजाद अपने छह भाइयों में चौथे नंबर पर थे. उनकी दुकान अच्छी चल रही थी. नौशाद ने कहा कि अपराधियों ने केवल उनके भाई की हत्या नहीं की, बल्कि उनके चारों बच्चों के भविष्य का भी कत्ल कर दिया.
