पंचवटी रत्नालय में डकैती का मामला. लाल रंग की अल्टो की अब भी पुलिस को तलाश
पटना : दीघा-आशियाना रोड में मौजूद पंचवटी रत्नालय में डकैती के बाद अपराधियों ने सड़क के हर मोड़ पर लग्जरी गाड़ी चेंज की थी. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हुई लाइनर की बाइक को तो घटना के दूसरे दिन ही लावारिस हालत में बरामद किया था लेकिन लाल रंग की अल्टो की तलाश अभी भी है.
यहां बात दें कि लाइनर के बाइक के बरामद होने की जानकारी प्रभात खबर ने सबसे पहले 23 जून के अंक में प्रकाशित किया था. पुलिस ने इसके अलावा दो और बाइकों की पहचान की है. इस घटना को फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया गया. ज्वेलरी शॉप में भले ही सात डकैत अंदर गये थे, लेकिन बाहर से सपोर्ट करने वाले ज्यादा लोग थे.
एसएसपी गरिमा मलिक ने बताया कि इसमें रेकी करने वाले, कई गाड़ी मुहैया करने वाले लोग शामिल हैं. पुलिस ने तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है और बाकी चिह्नित किये गये चार अन्य की तलाश की जा रही है. सभी सात के पकड़े जाने पर पुलिस यह जान पायेगी की झारखंड समेत दूसरे स्टेट से आने वाले कौन अपराधी थे, फिर उनकी तलाश की जायेगी.
पांच हिस्से में बांटा गया लूट का सोना: डकैती की घटना को अंजाम देने के लिए डकैतों ने पांच टीम बनायी थी. इसमें रेकी से लेकर डकैती डालने और संरक्षण देने समेत अन्य लोग शामिल रहे. पुलिस ने जो सोना बरामद किया है, वह करीब तीन किलोग्राम और करीब एक करोड़ का है. जबकि पांच करोड़ के ज्वेलरी की लूट हुई थी.
सूत्रों कि मानें तो डकैती के बाद अपराधियों ने पांच हिस्से में सोना को बांटा था. पुलिस सिर्फ एक अपराधी टीम का सोना बरामद कर सकी है. हालांकि पुलिस का कहना है कि रवि गुप्ता ही इस घटना का मास्टरमाइंड है. रवि की संलिप्तता अन्य घटनाओं में भी सामने आयी है. पुलिस अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही है. एसएसपी गरिमा मलिक का कहना है कि अनुसंधान जारी है.
अपराधी ट्रेन से भागे या फ्लाइट से इसकी होगी जांच : डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी कई गाड़ियों में सफर तय करके पुलिस को शुरुआती दौर में गुमराम करने में सफल रहे हैं. लेकिन पुलिस ने तीन अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद आगे यह जांच कर रही है कि बाकी अपराधी किस प्लेटफॉर्म से शहर छोड़ दिये. ट्रेन से भागे या फ्लाइट से. एक सवाल के जवाब में एसएसपी गरिमा मलिक ने बताया कि जांच होगी की अपराधी फ्लाइट से तो नहीं भाग गये थे. झारखंड के धनबाद और बोकारो के अपराधियों के शामिल होने की बात आ रही है.
पटना में वारदात करने को सीमावर्ती राज्याें के अपराधी लाता था रवि
मास्टरमाइंड रवि गुप्ता पटना में वारदात करने के लिए पड़ोसी राज्यों के अपराधियों को लाता था. इसके गिरोह ने गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के रामकृष्णा नगर में दिन में ही बड़े व्यवसायी के यहां डकैती डाली थी. डकैती के दौरान फायरिंग से बाइपास क्षेत्र में आतंक व्याप्त हो गया था. बहुचर्चित राज ट्रेडर्स के मालिक बंटी गुप्ता की हत्या कर डकैती डाली थी. यह वारदात भी दिन में की थी. झारखंड में दुगता पेट्रोल पंप तेनुघाट, जिला बोकारो और इटखोरी के सबसे बड़े आभूषण की दुकान में डकैती में भी रवि का हाथ था. पटना के थाना गांधी पार्क क्षेत्र के सीडीए बिल्डिंग मैदान के पास डकैती को भी अंजाम दिया था.
यह है अपराधियों की कुंडली : रवि कुमार गुप्ता उर्फ रवि पेशेंट उर्फ नेताजी उर्फ मास्टरजी सादिकपुर मछुआ टोली थाना आलमगंज का रहने वाला है. इसके खिलाफ पटना के विभिन्न थानों में ही 16 मामले दर्ज हैं. दूसरे राज्यों में कितने मामले दर्ज हैं इसका पता लगाया जा रहा है.
विकास कुमार माली गायघाट दक्षिणी गली, थाना आलमगंज पटना का रहने वाला है. इसके खिलाफ पटना जिला में 19 मामले दर्ज हैं. दूसरे राज्यों में कितने मामले दर्ज हैं इसका पता लगाया जा रहा है.
सिपु कुमार दहियावां थाना नगर सारण का निवासी है. अभी कुर्जी बालू पर विकास नगर थाना दीघा क्षेत्र में रह रहा था. इस पर सुल्तान गंज थाना में एक मामला दर्ज हैं. अन्य मामलों का पता लगाया जा रहा है.
