पटना सिटी : गायघाट स्थित नीनी परिसर में सुरक्षित तैराकी के लिए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से महिला व बालिका के चल रहे मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण का समापन शुक्रवार को हो गया.
इस मौके पर आयोजित प्रमाणपत्र वितरण समारोह में अनुभवों को साझा करते हुए बेटियों ने कहा कि प्रशिक्षण से आत्मविश्वास बढ़ा है. समारोह में उपस्थित प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यास जी ने पूछा कि तैराकी में क्या-क्या सीखा, इस पर प्रशिक्षण लिए बालिकाओं ने डूबते हुए को बचाना, राफट बनाना, स्विमिंग, बंशी बनाना, रेस्कयू व डीप में जंप लगाना समेत अन्य बिंदुओं पर बेहतर प्रशिक्षण लिया है.
आयोजन में प्राधिकरण के सदस्य पीएन राय भी प्रशिक्षण से जुड़े प्रश्न पूछे. वक्ताओं ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य डूब कर होने वाली मौत की रोकथाम व कमी ला सकें. नोडल परियोजना पदाधिकारी डॉ जीवन कुमार ने बताया कि नीनी एसडीआरएफ व यूनिसेफ के सहयोग से पटना के मनेर व फतुहा प्रखंड के गांवों से 30 महिला तैराकों को प्रशिक्षण दिया गया. इनमें नौ को मास्टर ट्रेनर का व 21 महिलाओं को तैराकी का प्रमाणपत्र दिया गया. प्रशिक्षण में 21 महिलाओं में जो थोडी बहुत कमी रह गयी,उन्हें एक बार फिर से ट्रेनिंग दी जायेगी.
आयोजन में मनेर के सीओ संजय कुमार झा, फतुहा के अंचलाधिकारी, नीनी के प्राचार्य कैप्टन सुमंत सहाय, उपेंद्र कुमार व राजेंद्र सहनी के अलावा एसडीआरएफ के अधिकारी शामिल रहे. कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन नीनी के प्रशासनिक पदाधिकारी अरुण ने किया.
