संविदाकर्मी ने बनायी करोड़ों की संपत्ति

पटना : इनकम टैक्स विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर शैलेष उर्फ अनिकेत ने छात्रों को इकट्ठा किया और कृष्णा राय से मिलवाया था. कृष्णा इनकम टैक्स विभाग में संविदा पर चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी था. छोटी से संविदा की नौकरी में दूसरे कर्मचारियों को भले ही घर चलाना मुश्किल होता हो, लेकिन कृष्णा उसमें […]

पटना : इनकम टैक्स विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर शैलेष उर्फ अनिकेत ने छात्रों को इकट्ठा किया और कृष्णा राय से मिलवाया था. कृष्णा इनकम टैक्स विभाग में संविदा पर चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी था. छोटी से संविदा की नौकरी में दूसरे कर्मचारियों को भले ही घर चलाना मुश्किल होता हो, लेकिन कृष्णा उसमें से नहीं था. इस नौकरी के सहारे कृष्णा ने गहरी साजिश रची और पढ़ाई करने वाले छात्रों को शैलेश के माध्यम से मिलकर नौकरी का सब्जबाग दिखाया.

विश्वास दिलाने के लिए इनकम टैक्स विभाग के एओ मिथिलेश कुमार से छात्रों की मुलाकत करा दी. छात्रों को कृष्णा पर विश्वास हो गया और सबने नौकरी के लिए पैसे दे दिये. इधर कृष्णा ने 1.62 करोड़ रुपये कुल 33 छात्रों से लिया और उधर राजीवनगर रोड नंबर 24 के राम निहोरा पथ में तीन मंजिला लग्जेरियस मकान बनवा लिया.
मकान के चारों तरफ सीसीटीवी तक लगा हुआ है. हालांकि इस संबंध में इनकम टैक्स के पदाधिकारियों का कहना है कि कृष्णा की कुछ हरकतें ठीक नहीं थी, इसलिए कुछ महीने पहले उसका एग्रीमेंट खत्म कर दिया गया. उसे नौकरी से हटा दिया गया है. करीब पांच साल इनकम टैक्स में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के रूप में काम करके कृष्णा ने खूब संपत्ति बना ली है. तमाम आरोपितों को पकड़ने के लिए छापेमारी हो रही है.
कृष्णा राय की एओ मिथिलेश से थी सेटिंग, पैसा लेने के बाद छात्रों को ऑफिस में कराता था मुलाकात
कृष्णा राय की संदिग्ध भूमिका को देखते हुए कुछ दिन पहले उसे इनकम टैक्स संविदा कर्मी से हटाया गया
एओ मिथिलेश के खिलाफ खोजा जा रहा है प्रमाण
नौकरी के नाम पर ठगी मामले में एफआइआर दर्ज कराने वाले युवराज महतो ने इनकम टैक्स के एओ मिथिलेश कुमार पर भी आरोप लगाया है. एफआइआर में मिथिलेश का भी नाम है. पुलिस को इस बात के प्रमाण तो मिले हैं कि कई छात्रों ने कृष्णा को पैसा दिया है. पैसे एकाउंट से भी दिये गये हैं और चेक, कैश भी दिये गये हैं. लेकिन मिथिलेश को पैसा डायरेक्ट नहीं दिया गया है.
अब यह देखा जा रहा है कि कृष्णा ने मिथिलेश को कैसे पैसा दिया है. कैश या एकाउंट में. अगर मिथिलेश के खिलाफ सबूत मिले तो बड़ी कार्रवाई हो सकती है. उधर इनकम टैक्स के अधिकारियों ने भी केस दर्ज कराने वाले युवराज महतो से मिथिलेश के खिलाफ सबूत मांगा है. अगर सबूत मिलता है तो मिथिलेश के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है.
क्या है मामला
दरअसल पटना में मंदिरी में रहकर पढ़ाई करने वाले पश्चिमी चंपारण के कुछ लड़कों से नौकरी के नाम पर ठगी किया गया है. युवराज महतो के आवेदन पर राजीवनगर थाने में धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज किया गया है. मामले को डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर राकेश कुमार ने संज्ञान लिया है और जांच की जा रही है.

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