पटना : बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से संचालित होटल कौटिल्य विहार के रेस्टोरेंट की बुकिंग लगभग चार माह से बंद है. इसकी वजह से पर्यटन निगम को हर दिन हजारों का नुकसान हो रहा है.
लेकिन, इस पर पर्यटन निगम प्रबंधन का ध्यान नहीं है. निगम सूत्रों के अनुसार निगम प्रबंधन का रेस्टोरेंट संचालक पर लगभग 1.50 करोड़ का बकाया पिछले कई साल से लंबित था. इस बीच निगम की ओर से रेस्टोरेंट संचालक को कई बार पत्र लिखा गया. इस बीच बकाया का मामला कोर्ट तक गया.
कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद रेस्टोरेंट संचालक ने पर्यटन निगम के प्रबंधन को 95 लाख का भुगतान किया. इसके बाद भी निगम के अधिकारियों ने शेष बकाया राशि का भुगतान करने को कहा. लेकिन, उसने शेष राशि भुगतान करने लेकर टालमटोल करता रहा.
उसके बाद पर्यटन निगम के पूर्व प्रबंध निदेशक इनायत खान ने संचालक को हटाने का फैसला किया. इस बीच खान को तबादला हो गया. आनंद शर्मा निगम के नये एमडी बने और उन्होंने फरवरी में रेस्टोरेंट को तत्काल बंद करने का एलान किया. लेकिन, चार माह बीत जाने के बाद भी पर्यटन निगम प्रबंधन संचालक का चयन नहीं कर सका है.
होटल में हैं 25 कमरे
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेस्टोरेंट बंद होने के बाद होटल में आने वाले पर्यटकों में काफी गिरावट अायी है. आज हालात है कि मुश्किल से तीन-चार कमरें ही बुक हो पा रहे हैं. कर्मचारियों का कहना है कि पर्यटक ठहरेगा यहां और खाने-पीने के लिए दूसरे जगह पर जायेगा.
इसी कारण अब पर्यटक यहां नहीं आ रहे हैं. होटल में कुल 25 कमरें हैं. इनमें 18 कमरें एसी और 6 नन एसी कमरे हैं. एक सूइट भी है. इसके अलावा 24 डोरमेटरी बेड हैं. मिली जानकारी के अनुसार निगम ने रेस्टोरेंट संचालन के लिए टेंडर निकाला था. लेकिन, दो ही संचालक आने से टेंडर निरस्त कर दिया गया. तब से मामला अटका है.
जल्द निकलेगा टेंडर
प्रक्रिया का पार्ट है. इसके लिए जल्द ही टेंडर निकाला जायेगा. रेस्टोरेंट बंद होने से होटल के कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ा है. लेकिन, रेस्टोरेंट खुल जायेगा, तो पर्यटकों को सहूलियत होगी. होटल के कमरों को सही किया जा रहा है. होटल की आमदनी पर कोई फर्क नहीं पड़ा है.
आनंद शर्मा, प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम
