विभाग अपने वित्तीय संस्थानों के जरिये देगा ऋण
पटना : उद्योग विभाग अपने वित्तीय संस्थानों के माध्यम से मकान बनाने व वाहन के लिए ऋण देगा. इसको लेकर विभाग जल्द ही बैठक करने वाला है. इसमें अंतिम रूप से निर्णय लिया जायेगा. विभाग के वित्तीय संस्थान अब तक उद्योग और व्यवसाय के लिए ही ऋण उपलब्ध कराते थे. विभाग अपने इन वित्तीय संस्थानों को सुचारू रूप से चलाने और इसे लाभकारी संस्थान के रूप में बदलने के लिए यह कदम उठायेगा.
बीएसएफसी, विसिको और बीएसआइडीसी से पहले मिलता था ऋण : उद्योग विभाग के अधीन बीएसएफसी, विसिको और बीएसआइडीसी उद्योग और व्यवसाय के लिए ऋण उपलब्ध कराता रहा है. शुरू में तो बड़ी मात्रा में इन संस्थानों से कर्ज दिया गया, लेकिन कर्जदारों ने जब पैसे नहीं लौटाये तो धीरे-धीरे इन संस्थानों की हालत खराब हो गयी और लोन मिलना बंद हो गया. सबसे खराब हालत बीएसएफसी का हो गया.
मूल कर्ज से अधिक सूद हो गया. बीएसएफसी ने एक अरब से अधिक लोन दिया, जिसका सूद बढ़ते-बढ़ते छह हजार करोड़ तक पहुंच गया. एेसा पिछले तीन दशक में हुआ. विसिको और बीएसआइडीसी का भी इसी तरह का हाल हुआ. इन संस्थानों को फिर से खड़ा करने के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लाया गया, लेकिन कर्जदारों ने उसमें बहुत अधिक दिलतस्पी नहीं दिखाई.
राज्य वित्त निगम के अभी 2700 से अधिक लोग हैं कर्जदार
बिहार राज्य वित्त निगम के अभी 2700 से अधिक लोग कर्जदार हैं. वहीं, बिसिको द्वारा दिये गये कर्ज की मूल धनराशि करीब 67 करोड़ है. इसका भी ब्याज बढ़ते-बढ़ते करीब दो हजार करोड़ हो गया है.
ओटीएस स्कीम के तहत उद्यमियों को मूलधन के अलावा ब्याज मद में मूलधन का मात्र 10 प्रतिशत देना था. सरकार को इन संस्थानों के कर्मियों को वेतन भी देना पड़ रहा है. इस संस्थानों को क्रियाशील बनाने के लिए ही निर्णय हुआ कि अब ये संस्थान होम और वाहन लोन भी उपलब्ध करायेंगे. सरकार इन संस्थाओं को वित्तीय रूप से मजबूत करेगी. अभी तक ये संस्थान होम लोन और वाहन लोन नहीं देते थे.
अगले महीने से मिलने लगेगा
उद्योग मंत्री श्याम रजक ने बताया कि जल्द ही वे मकान बनाने व वाहन के लिए ऋण उपलब्ध कराने को लेकर बैठक करेंगे. इसी बैठक में इस संबंध में पूरी स्थिति की समीक्षा होगी. लोन देेने के नियम की समीक्षा होगी. उन्होंने उम्मीद जतायी कि अगले महीने से लोन मिलना शुरू हो जायेगा.
