अरविंद महिला कॉलेज का मामला
पटना : इन दिनों कॉलेज में एडमिशन का दौर चल रहा है, गर्मी अपनी चरम सीमा पर है. ऐसे में अरविंद महिला कॉलेज में अपना नामांकन कराने पहुंची छात्राएं अचानक से आक्रोशित हो गयी. उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर धांधली के कई आरोप लगाते हुए परिसर में हंगामा किया. छात्राओं का कहना है कि सुबह नौ बजे से ही वे नामांकन कराने के लिये कॉलेज पहुंची हुई हैं.
इतनी कड़ी धूप में लाइन लगाकर वह अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं और कॉलेज प्रशासन नामांकन खिड़की बंद कर अपनी मनमानी कर रहा है. इसी के विरोध में आज दर्जनों छात्राओं ने कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा किया, खिड़की के शीशे भी तोड़े. तोड़-फोड़ के दौरान एक छात्रा को गंभीर चोट भी लग गयी. जिसके बाद प्राथमिक उपचार के लिए उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया.
कर्मचारियों की कमी और वर्कलोड काफी : कॉलेज की प्राचार्या प्रो उषा झा से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कॉलेज में कर्मचारियों की कमी है और वर्कलोड काफी है. एक तरफ छात्राओं का नामांकन तो दूसरी ओर पार्ट-टू की छात्राओं की परीक्षा हो रही है.
सर्टिफिकेट लाने कहा गया था
प्राचार्या प्रो उषा झा ने कहा, सारा काम सिलसिलेवार ढंग से हो रहा था. लेकिन, अचानक छात्राओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया. तोड़-फोड़ शुरू कर दी. उनका कहना था कि उनका नामांकन बस ले लिया जाये.
नियम के अनुसार एडमिशन के दौरान छात्राओं को अपने साथ ओरिजनल सर्टिफिकेट लेकर आना था लेकिन कुछ छात्राओं के पास सारे डॉक्यूमेंट्स मौजूद नहीं थे. मना करने पर उन्होंने कहा की ऐसी ही एडमिशन दे दें. नियम तो नियम होते हैं. उन्होंने हंगामा किया. महिला पुलिस को भी बुलाया गया लेकिन छात्राओं ने उनकी बात भी नहीं मानी. इंटर में एडमिशन लेने की आखिरी तारीख सोमवार की थी जिसे बढ़ा कर 14 जून कर दिया गया है.
