निगम की सुस्त चाल, सड़क-पार्क सब बेहाल

छोटे-छोटे बाजार, हाट और छोटे-बड़े कोचिंग संस्थानों के साथ ही स्लम से घिरा वार्ड संख्या-48. इस वार्ड के पूरे इलाके में 50 वर्ष पुरानी जलापूर्ति पाइप है, जो जर्जर हो गयी है. अब स्थिति है कि इसमें रोजाना लीकेज हो रहा है, जिससे घरों में पीने का पानी गंदा पहुंच रहा है. इससे अधिकतर लोग […]

छोटे-छोटे बाजार, हाट और छोटे-बड़े कोचिंग संस्थानों के साथ ही स्लम से घिरा वार्ड संख्या-48. इस वार्ड के पूरे इलाके में 50 वर्ष पुरानी जलापूर्ति पाइप है, जो जर्जर हो गयी है. अब स्थिति है कि इसमें रोजाना लीकेज हो रहा है, जिससे घरों में पीने का पानी गंदा पहुंच रहा है. इससे अधिकतर लोग पीने के पानी की संकट से जूझ रहे हैं.
हालांकि, वार्ड पार्षद की अनुशंसा पर नयी जलापूर्ति पाइप को बिछाया जा रहा है, नंद नगर कॉलोनी यानी स्लम एरिया में पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है. जिससे स्लम में रहने वाले लोगों को शुद्ध पीने का पानी मिले, इसको लेकर आर्सेनिक प्यूरिफिकेशन प्लांट लगाये गये हैं, जो पर्याप्त नहीं हैं. शनिवार को प्रभात खबर के संवाददाता प्रभात रंजन व फोटो जर्नलिस्ट अमृत जयकिशन ने वार्ड का जायजा लिया. पेश है एक रिपोर्ट
सीधी-बात
कचरे का उठाव नियमित क्यों नहीं हो रहा है?
पहले से सफाई व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है. हमारे वार्ड में चौड़ी सड़कें काफी कम हैं. इससे इ-कार्ट व हैंड-
कार्ट के जरिये डोर-टू-डोर कचरे का उठाव हो रहा है. इ-कार्ट व हैंड कार्ट जहां कचरा गिराते हैं, वहां से कचरे का उठाव निर्धारित समय से नहीं हो रहा है. इसका कारण यह है कि बड़ी गाड़ियां नहीं दी गयी हैं. हालांकि, दो-चार दिनों में यह समस्या भी खत्म हो जायेगी.
लोगों को शुद्ध पीने का पानी नहीं मिल रहा, इसको लेकर कोई योजना है?
वार्ड के पूरे इलाके में जलापूर्ति पाइप बिछी हैं, जो जर्जर हो चुके हैं. अब नयी पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है. इसके साथ ही दो पंप हाउस निर्माण का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें एक पंप पर काम शुरू होने वाला है. दूसरे पंप हाउस पर अगले दो-तीन माह में काम शुरू हो जायेगा. इसके बाद वार्ड में पीने के पानी की समस्या नहीं रहेगी.
वार्ड के दोनों पार्कों की स्थिति खराब क्यों?
यह सही है कि वार्ड में दो पार्क हैं और दोनों की स्थिति ठीक नहीं है. हालांकि, पार्क के सौंदर्यीकरण की योजना बनायी गयी है. इसको लेकर नगर आयुक्त भी स्थल निरीक्षण कर चुके हैं. दोनों पार्कों के सौंदर्यीकरण का काम शीघ्र शुरू होने वाला है.
वार्ड की जर्जर सड़कों को क्यों नहीं दुरुस्त करवा रहे हैं?
वार्ड से होकर सैदपुर नहर गुजरती है और नगर के दोनों किनारे सड़कें हैं. यह मुख्य सड़क है, जो जगह-जगह टूट गयी है. इसको लेकर 2.5 करोड़ की योजना स्वीकृत हो गयी है. इस माह में काम भी शुरू होने की संभावना है. वहीं, गलियों की सड़कों को दुरुस्त करने को लेकर 122 योजनाएं बनायी गयी हैं, जिस पर महीना-दो महीना में काम शुरू होने वाला है.
अतिक्रमण से लोगों को निजात कब मिलेगी?
सैदपुर नहर के किनारे की सड़कें हों या फिर मुहल्ले की सड़कें. इन सड़कों पर स्थानीय लोगों ने अपने-अपने तरीके से कब्जा किया हुआ है. इसकी शिकायत अंचल अधिकारियों से लेकर मुख्यालय अधिकारियों तक की गयी. कार्रवाई भी होती है, पर कारगर नहीं है. अब सख्ती के साथ अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की जायेगी.
वार्ड की मुख्य समस्याएं
वार्ड का खुला सैदपुर नाला
पीने के पानी की समस्या
सबमर्सिबल बोरिंग व चापाकल का नहीं होना
मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र से नियमित कचरे का उठाव नहीं होना
वार्ड में जर्जर सड़क
नियमित गरीबों को राशन नहीं मिलना
बांस-बल्ला के माध्यम से बिजली की डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था
नये राशन कार्ड का नहीं बनना
सामुदायिक भवन में स्कूल का संचालन
खटाल की वजह से आवारा पशुओं का सड़क पर घूमना

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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