पटना : 2020 से राजधानी की सड़कों पर इलेक्ट्रिक कार दौड़ने लगेगी . पहले चरण में इसकी शुरुआत सरकारी कार्यालयों से होगी. इसे लेकर राज्य सरकार और एनर्जी इफिशिएंसी सविर्सेज लिमिटेड (इइएसएल) के अधिकारियों के बीच बैठक हो चुकी है. फिलहाल इस वाहन का प्रयोग कई केंद्रीय मंत्रालयों में हो रहा है. वाहनों का इलेक्ट्रिफिकेशन लंबे समय से केंद्र सरकार की पहली प्राथमिकता बनी हुई है और इन वाहनों को जल्द व्यावहारिक बनाने के लिए सभी मुमकिन विकल्पों को अमल में लाया जा रहा है.
अगले साल से राजधानी पटना की सड़कों पर दौड़ने लगेंगी इलेक्ट्रिक कारें

अगले साल से राजधानी पटना की सड़कों पर दौड़ने लगेंगी इलेक्ट्रिक कारें
Copied link
पटना : 2020 से राजधानी की सड़कों पर इलेक्ट्रिक कार दौड़ने लगेगी . पहले चरण में इसकी शुरुआत सरकारी कार्यालयों से होगी. इसे लेकर राज्य सरकार और एनर्जी इफिशिएंसी सविर्सेज लिमिटेड (इइएसएल) के अधिकारियों के बीच बैठक हो चुकी है. फिलहाल इस वाहन का प्रयोग कई केंद्रीय मंत्रालयों में हो रहा है. वाहनों का इलेक्ट्रिफिकेशन […]
ज्ञात हो कि देश में लागू फेम II स्कीम के तहत इइएसएल को मेट्रो से शुरुआत करते हुए पूरे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए व्यापक तौर पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का काम दिया गया है. फेम II का पूरा नाम फास्टर अडॉप्शन एंड मेन्यूफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स II है.
एनर्जी इफिशिएंसी सविर्सेस लिमिटेड (इइएसएल) के क्षेत्रीय प्रबंधक राकेश प्रताप यादव ने बताया कि इसके पहले राजधानी में मुख्य इलाके में लगभग 20 जगहों पर फ्री अल्टरनेट करंट और डायरेक्ट करंट या एसी और डीसी फास्ट चार्जिंग स्टेशन बनाये जायेंगे, जहां इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज किये जायेंगे. इसके बाद इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बड़े स्तर पर प्रयोग करने के लिए आम लोगों को प्रोत्साहित किया जायेगा. उन्होंने बताया कि इस कार के चलने से हर वर्ष कार मालिक को लगभग 60 हजार रुपये की बचत होगी और यह प्रदूषण मुक्त होगी.