अनुज शर्मा
धार्मिक प्रतीक या चिह्न धारण करने पर पाबंदी
पटना : बिहार पुलिस के जवान से लेकर अधिकारी तक अब माथे पर तिलक, हाथ में कलावा बांधे नहीं दिखेंगे. अंगूठी-सोने की चेन, ब्रेसलेट भी नहीं पहन सकेंगे. पुलिसकर्मी को अपने परिधान और रहन सहन से निष्पक्ष-धर्मनिरपेक्ष दिखना होगा. सभी पुलिस इकाई-जिला के एसएसपी-एसपी को आदेश मिला है कि वह ड्रेस कोड का सख्ती से पालन कराएं. हर हाल मेे धार्मिक चीजें वर्दी के बाहर नहीं दिखें.
डीजीपी ने की थी चिंता
ड्यूटी के दौरान किस तरह का वेश धारण करना चाहिए, पुलिस कोड में विस्तार से बताया गया है. डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बीते दिनों इस बात पर चिंता प्रकट की थी कि पुलिसकर्मी ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे हैं. डीजीपी ने आदेश दिया है कि अब कोई भी पुलिस पदाधिकारी-सिपाही वर्दी के साथ धार्मिक चिह्न धारण नहीं करेगा.
करना होगा पालन
हाथ की घड़ी के अलावा यदि वह छोटे-छोटे आभूषण पहनता भी है, तो वह वर्दी से बाहर नहीं दिखाई देने चाहिए. किसी भी तरह का जाति चिह्न अथवा माथे पर टीका-लेप नहीं लगायेगा. हाथों में विभिन्न रंगों का धागा, ब्रेसलेट भी नहीं पहनेगा. सभी बाल छोटे रखेंगे. जो दाढ़ी बनाते हैं, वह बिना दाढ़ी बनाये वर्दी नहीं पहनेंगे.
