वेतन बढ़ा, पर नियमित शिक्षकों की तुलना में आधे से भी कम है

पटना : वर्ष 2006 से लेकर वर्ष 2018 तक नियोजित शिक्षकों के वेतन में समय-समय पर इजाफा किया गया. हालांकि यह वेतन भी नियमित शिक्षकों की तुलना में आधे से भी कम है. दिसंबर, 2006 में नियोजित शिक्षकों की बहाली हुई. उस समय प्राइमरी-मध्य शिक्षकों का वेतन पांच हजार, हाइस्कूल शिक्षकों का वेतन छह हजार […]

पटना : वर्ष 2006 से लेकर वर्ष 2018 तक नियोजित शिक्षकों के वेतन में समय-समय पर इजाफा किया गया. हालांकि यह वेतन भी नियमित शिक्षकों की तुलना में आधे से भी कम है. दिसंबर, 2006 में नियोजित शिक्षकों की बहाली हुई.

उस समय प्राइमरी-मध्य शिक्षकों का वेतन पांच हजार, हाइस्कूल शिक्षकों का वेतन छह हजार और प्लस टू शिक्षकों का वेतन सात हजार रुपये तय किया गया था. इसमें प्रत्येक श्रेणी के अनट्रेंड शिक्षकों का वेतन 500 रुपये कम तय किया गया.
वेतन कब और कितना बढ़ा
2008 में तीनों श्रेणियों के शिक्षकों के वेतन में एक-एक हजार रुपये का इजाफा किया गया. 2009 में नियोजित शिक्षकों के वेतन में दो-दो हजार रुपये का इजाफा किया गया.
2015 में राज्य सरकार ने वेतनमान 5500-20200 रुपये तय किया. इसमें ग्रेड पे 2400, 2600 और 2800 रुपये भी जोड़ा गया. वेतन बढ़कर 14 से 17 हजार हो गया.
2018 में वेतन का नया स्ट्रक्चर तय किया गया. इसमें इन तीनों श्रेणियों के शिक्षकों का वेतन 25 से 32 हजार रुपये तय किया गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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