साध्वी प्रज्ञा और गिरिाज के बयानों को जीतनराम मांझी ने बताया ''भाषाई आतंकवाद'', कहा...
पटना : पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी द्वारा आतंकी मसूद अजहर को ‘साहब’ बोलने के बाद बिहार में सियासत गरमा गयी है. केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से भाजपा प्रत्याशी गिरिराज सिंह ने पूर्व सीएम जीतनराम मांझी के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि जीतनराम मांझी जिस दल से जुड़े हुए हैं, वहां आतंकवादियों को […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पटना : पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी द्वारा आतंकी मसूद अजहर को ‘साहब’ बोलने के बाद बिहार में सियासत गरमा गयी है. केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से भाजपा प्रत्याशी गिरिराज सिंह ने पूर्व सीएम जीतनराम मांझी के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि जीतनराम मांझी जिस दल से जुड़े हुए हैं, वहां आतंकवादियों को ‘साहब’ ही कहा जाता है. इसलिए जीतनराम मांझी ने अगर आतंकी मसूद अजहर को ‘साहब’ कह दिया है, तो बहुत आश्चर्य की बात नहीं है.
इसके बाद जीतनराम मांझी ने पलटवार करते हुए गिरिराज सिंह के बयानों को भाषाई आतंकवाद करार दिया है. उन्होंने कहा है कि ‘अगर साध्वी प्रज्ञा बोलती हैं, जिस तरह से, हत्या के सिलसिले में उनको कारावास हो चुका है और बीमारी के नाम पर उनको जमानत मिली है और वो चुनाव लड़ रही हैं. वहीं, गिरिराज सिंह भी कुछ इसी ढंग से बोलते हैं, जो उनके अनुसार नहीं चलेगा, उनको पाकिस्तान भेज दिया जायेगा. तो कहने का मतलब है कि ये सब भी आतंकवाद का ही हिस्सा है.’
मालूम हो कि जीतनराम मांझी द्वारा आतंकी अजहर मसूद को ‘साहब’ बोलने के बाद बिहार में सियासत गरमा गयी है. गिरिराज सिंह ने पूर्व सीएम जीतन राम मांझी पर पलटवार करते हुए कहा कि जीतनराम मांझी जिस दल से जुड़े हुए हैं, वहां आतंकवादियों को ‘साहब’ ही कहा जाता है. इसलिए जीतनराम मांझी ने अगर आतंकी मसूद अजहर को ‘साहब’ कह दिया है, तो बहुत आश्चर्य की बात नहीं है. संगत से गुण आत है, संगत से गुण जात है.
कांग्रेस और आरजेडी का नाम लिये बिना उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उनके सहयोगी दलों के नेताओं ने कई आतंकियों को ‘साहब’ कह कर ही संबोधित कर चुके हैं. मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान जाकर नरेंद्र मोदी को हटाने की गुहार लगा रहे हैं. उन्होंने बुर्का और घुंघट पर बैन लगाने के संबंध में कहा कि जावेद अख्तर अवार्ड वापसी गैंग के सदस्य हैं. अगर बुर्का या घुंघट की आड़ में कोई आतंकी गतिविधि या बोगस वोटिंग होती है, तो इसकी जांच होनी चाहिए.
उन्होंने शत्रुघ्न सिन्हा के भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ने के मसले पर कहा कि जो लोग कल तक भाजपा के थे. आज वे पानी पीकर भाजपा को ही गाली दे रहे हैं. अति महत्वाकांक्षा के कारण वह खुद कांग्रेस के टिकट पर पटना साहिब और पत्नी को सपा प्रत्याशी के रूप में लखनऊ से चुनाव लड़ा रहे हैं. यहां कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं, जबकि वहां जाकर कांग्रेस को कोस रहे हैं. वह ना तो घर के रहे, ना घाट के. गिरिराज सिंह ने कहा कि अमेठी से मानसिक रूप से चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी केरल चले गये. वहां उनकी रैली में कांग्रेस के स्थान पर सिर्फ मुस्लिम लीग का ही झंडा दिख रहा था.