पटना : डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने साइबर अपराध से लड़ने के लिये सभी को एकजुट होने की जरूरत बतायी है. वह शुक्रवार को आर्थिक अपराध इकाई के ट्रेनिंग प्रोग्राम के समापन पर साइबर अपराध की घटनाओं को लेकर अपनी चिंता प्रकट कर रहे थे.
अभियोजन पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए पांडेय ने कहा कि पुलिस और अभियोजन पदाधिकारियों के बेहतर तालमेल से ही अपराधियों को त्वरित सजा दिलायी जा सकती है. शिक्षित लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं.
इन्वेस्टिगेशन में पुलिस अधिकारियों द्वारा जो सबूत एकत्रित किये जाते हैं अभियोजन पदाधिकारी उनको प्रभावी ढंग से कोर्ट में पेश करायेंगे तो साइबर अपराधियों को सजा मिलेगी. अपराध का सफाया होगा. एडीजी इओयू जितेंद्र सिंह गंगवार ने साइबर क्राइम प्रिवेंशन फॉर वुमेन एंड चिल्ड्रन स्कीम के तहत साइबर क्राइम एंड साइबर लाॅ पर आयोजित कार्यक्रम की जानकारी दी.
तीन दिनों तक दी ट्रेनिंग
डीजीपी को बताया कि योजना के तहत अभी तीस अभियोजन पदाधिकारियों को तीन दिन की ट्रेनिंग दी गयी है. 170 अभियोजन पदाधिकारी व 200 जजों को ट्रेनिंग अभी और दी जायेगी. इस मौके पर डीजीपी, निदेशक अभियोजन शलीलेश कुमार , साइबर विशेषज्ञ प्रो अनिरमन मजूदार, प्रो सौरभ दंडापेट को सम्मानित किया गया. संचालक एएसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि दो वर्ष के अंदर 1800 थानाध्यक्षों को ट्रेनिंग दी जानी है. इनमें 249 को दी जा चुकी है.
