पटना :बंद मिलों की जमीन पर खुलेंगे कारखाने

पटना : राज्य की बंद पड़ी चीनी मिलों की जमीन को बियाडा औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करेगा. बंद पड़ी चीनी मिलों के पास करीब ढाई हजार एकड़ जमीन है. चुनाव आचार संहिता के समाप्त होने के बाद इस तरह का प्रस्ताव राज्य कैबिनेट में जायेगा. गन्ना उद्योग विभाग में इसकी तैयारी चल रही […]

पटना : राज्य की बंद पड़ी चीनी मिलों की जमीन को बियाडा औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करेगा. बंद पड़ी चीनी मिलों के पास करीब ढाई हजार एकड़ जमीन है. चुनाव आचार संहिता के समाप्त होने के बाद इस तरह का प्रस्ताव राज्य कैबिनेट में जायेगा. गन्ना उद्योग विभाग में इसकी तैयारी चल रही है. राज्य में 1980 के पहले चीनी मिलों की अच्छी स्थिति थी. राज्य में निजी क्षेत्र के साथ-साथ राज्य सरकार के अधीन वाले सुगर काॅर्पोरेशन के पास भी डेढ़ दर्जन चीनी मिलें थीं.

बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला हुआ था. 1980 के बाद धीरे-धीरे एक- एक कर चीनी मिलें बंद हो गयीं. नीतीश कुमार की जब राज्य में सरकार बनी तो बंद मिलों को चलाने की कोशिश हुई, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी. अभी राज्य में 11 चीनी मिलें हैं. इसमें नौ निजी क्षेत्र में और दो सार्वजनिक क्षेत्र की हैं. राज्य में पहले 29 चीनी मिलें थीं.

मिल बंद होने से गन्ना किसानों को काफी परेशानी हुई. देखरेख के अभाव में बंद पड़ी चीनी मिलें जर्जर हो गयीं. सभी चीनी मिलों को पास अच्छी खासी जमीन है. राज्य सरकार ने अब निर्णय लिया है कि बंद पड़ी चीनी मिलों के पास जो जमीन है उसे औद्योगिक क्षेर के रूप में विकसित किया जाये. औद्योगिक क्षेत्र के विकसित करने की जिम्मेदारी बियाडा को दी जायेगी. विभागीय सूत्रों के अनुसार चुनाव आचार संहिता के समाप्त होने के बाद जमीन हस्तानांतरण की प्रकिया शुरू होगी. बियाडा को जमीन मिलने के बाद विकसित कर उसे कल कारखाने की स्थापना के लिए एॅलाट किया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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