पटना : महावीर मंदिर में सामान्य दिनों में हर दिन 35 से 45 किलो फूल-पत्ती निकलती है. इसमें बजरंग बली के मंदिर और द्वितीय तल पर स्थित शिव मंदिर समेत सभी प्रकार के निरमाल (चढ़ा कर उतारे गये फूल माला) शामिल हैं.
मंगलवार और शनिवार को बजरंगबली के मंदिर से अधिक फूल-मालाएं निकलती हैं जबकि सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और रविवार को ऊपरी तल्ले पर रूद्राभिषेक और सत्यनारायण कथा जैसे कर्मकांड अधिक संपन्न होते हैं. जिनमें फल के साथ बेल पत्र, केला का पत्ता जैसे जैविक उत्पाद भी बड़ी संख्या में इस्तेमाल किये जाते हैं. भंडारा का आयोजन भी आये दिन होता रहता है, जिसमें जूठे पत्तल निकलते हैं. सब मिला कर सामान्य दिनों में औसतन एक मन प्रति दिन निरमाल निकलता है जो कि रामनवमी और हनुमान जयंती जैसे अवसरों पर बढ़ कर पांच-सात मन तक पहुंच जाता है.
20 से 25 फीसदी तक बनती खाद
वजन के अनुसार देखें तो ऑटोमेटिक कंपोस्ट मशीन मेंडाले गये जैविक उत्पाद का 20 से 25 फीसदी तक खाद बनता है. एक मन निरमाल डालने पर यह 8 से 10 किलो के बीच खादबनाती है.एक वर्ष से चल रहा था प्रयासमहावीर मंदिर में ऑटोमेटिक कंपोस्ट मशीन लगवाने के लिए मंदिर न्यास एक वर्ष से प्रयासरत था. इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर ओपेन कोटेशन भी मांगा गया था, जिसके एवज में चार लाख का प्रस्ताव मिला था. महावीर मंदिर न्यास उस पर कोई निर्णय लेती, इससे पहले एनटीपीसी ने उसे उपहार के रुप में मशीन दे दिया.
