सुबोध कुमार नंदन
पीएनजी की सप्लाइ घरों तक पहुंचने से एलपीजी सिलिंडर के इंतजार का झंझट हुआ खत्म, गृहिणियां खुश
पटना : पटना शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) सप्लाइ शुरू होने से लोग काफी खुश हैं. कुछ माह पहले तक पीएनजी की सेवा देश के कुछ चुनिंदा शहरों में था, लेकिन अब पटना के घरों में भी किचेन तक खाना बनाने वाली गैस पाइप लाइन के जरिये पहुंच रही है.
इस योजना के लिए यहां की महिलाएं पीएम मोदी को धन्यवाद दे रही हैं. महिलाओं को कहना था कि समय से पहले पटना में पीएनजी पहुंच गयी है. ज्ञातहो कि बीआइटी कैंपस के बी-4 निवासी रीता सिंह को पीएनजी से खाना बनाने वालीपटना की पहली गृहिणी बनने का गौरव प्राप्त है. वे बीआइटी निदेशकडॉ बीके सिंह कीपत्नी हैं.
अब गैस सिलिंडर के लिए नंबर नहीं लगाना पड़ता है
रा गार्डेन रोड स्थित मगध वाटिका के फ्लैट संख्या ए101 की सुमन कुमारी सिंह ने बताया कि होली में पीएनजी से खाना बना. यह मेरे लिए सुखद अनुभव था. वैसे पीएनजी के बारे में जानकारी थी, क्योंकि मौसी (महाराष्ट्र) और बुआ (असम) के यहां पीएनजी से ही खाना बनते देखा था. खुशी हो रही है कि अब पटना में भी पीएनजी की सप्लाइ शुरू हो गयी है. सिंह ने कहा कि अब गैस के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. अब 24 घंटे पाइपलाइन के जरिये गैस मिल रही है, जो पूरी सुरक्षित है.
सुरक्षा को लेकर कंपनी जागरूकता अभियान चलाये
लव-कुश अपार्टमेंट के बी207 की मालकिन अनामिका सिंह कहती हैं कि अब नंबर लगाने और वेंडर का इंतजार करने से निजात मिल गयी. हमेशा अतिरिक्त सिलिंडर रखना पड़ता था. उम्मीद है कि बिहार के अन्य शहरों में पीएनजी की सप्लाइ शुरू हो जायेगी. सिंह ने कहा कि अभी तकनीकी रूप से फ्रेंडली नहीं हाे पायी हूं, क्योंकि अभी तो तीन दिन से ही पीएनजी से खाना बना रही हूं. हालांकि सुरक्षा को लेकर मन में कई तरह के सवाल हैं. अगर कुछ गड़बड़ी हो गयी, तो क्या होगा. कंपनी को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए.
काश! यह सेवा शहर में पहले शुरू हो गयी होती
सिलिंडर कब समाप्त हो जायेगा. कब वेंडर लायेगा. इस तरह की परेशानियों से हमेशा के लिए निजात मिल गयी. यह कहना है लव-कुश अपार्टमेंट के बी 305 की मोना कुमारी का. वे कहती हैं कि बहुत ही सुखद अनुभव है.
काश! यह सेवा पटना में पहले आयी होती. पहले गैस खत्म होने पर पड़ोसी को याद करना पड़ता था. इस योजना को दूसरे शहरों में शुरू करना चाहिए, ताकि दूसरे शहर की महिलाएं भी पीएनजी के जरिये खाना बना सकें. मोना ने सुरक्षा को लेकर सवाल करते हुए एजेंसी को इसके लिए कुछ करने की बात कही.
शुरू में अजीब लगता था अब सुखद अनुभव है
गध वाटिका बी 404 की बिलकेश जहां बताती हैं कि पीएनजी के जरिये खाना बनाने का अच्छा अनुभव रहा. उन्होंने कहा कि सिलिंडर खत्म होने पर रेगुलेटर लगाने के लिए दूसरे को बुलाना भी नहीं पड़ेगा और न ही वेंडर का इंतजार करना पड़ेगा. रसोई गैस भी सस्ती मिलेगी. पाइप से गैस सप्लाइ देखने रिश्तेदार आकर जानकारी ले रहे हैं. शुरू-शुरू में कुुछ अजीब-सा लग रहा था. लेकिन धीरे-धीरे सुखद अनुभव हो रहा है. वे कहती हैं कि पटना में इतनी जल्द पीएनजी की सप्लाइ शुरू होगी सोचा नहीं था.
