पटना : सीबीएसइ उन स्कूलों पर शिकंजा कसने जा रहा है, जो सीबीएसइ की निर्धारित मान्यता पूरी किये बगैर सिर्फ आर्थिक फायदे के लिए नामांकन ले लेते हैं, लेकिन परीक्षा दूसरे स्कूलों से दिलवाते हैं.
इस दिशा में सीबीएसइ ने निर्णय लिया है कि ऐसे स्कूलों में प्रवेश पाये बच्चों को परीक्षा देने से रोका जायेगा. इस साल सीबीएसइ दो मामलों में ऐसा कर चुका है, जिसमें दो राज्यों के हाइकोर्ट ने उसके सख्त कदम पर वैधानिक मुहर भी लगायी है. मामला कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड से जुड़ा है.
सीबीएसइ ने ऐसे एडमिशन को माना फेक : आधिकारिक जानकारी के मुताबिक देखा जा रहा है कि कई बच्चे ऐसे हैं, जो केवल कागजों पर चलने वाले स्कूलों में प्रवेश ले लेते हैं. ट्यूशन और कोचिंग के जरिये तैयारी करते रहते हैं. सीबीएसइ ने इस तरह के प्रवेशों को फेक माना है. दो राज्यों के हाइकोर्ट ने भी सीबीएसइ के पक्ष में फैसला दिया है.
क्या कहते हैं अधिकारी
फेक एडमिशन को मान्यता नहीं दी जायेगी. जहां तक स्कूलों का सवाल है, हमने कक्षा 10 और 12वीं में सीधे एडमिशन के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है. उसके तहत ही प्रवेश देना होगा.
डॉ संयम भारद्वाज, परीक्षा नियंत्रक सीबीएसइ नयी दिल्ली
