पटना : गांधी घाट को छोड़ सभी पर घट रहा है जल स्तर

गंगा में गांधी घाट पर जल स्तर में ठहराव पटना : गंगा की चौड़ाई कम होने और उसके उत्तर की ओर खिसकने की कवायद आहिस्ता-आहिस्ता जारी है. पटना में अपवाद स्वरूप गांधी घाट को छोड़ दें, तो सभी घाटों पर पानी कम हुआ है. बांस घाट को ही लें, यहां करीब 400 मीटर चौड़े पाट […]

गंगा में गांधी घाट पर जल स्तर में ठहराव
पटना : गंगा की चौड़ाई कम होने और उसके उत्तर की ओर खिसकने की कवायद आहिस्ता-आहिस्ता जारी है. पटना में अपवाद स्वरूप गांधी घाट को छोड़ दें, तो सभी घाटों पर पानी कम हुआ है. बांस घाट को ही लें, यहां करीब 400 मीटर चौड़े पाट में करीब 100 मीटर तक पानी काफी कम हुआ है. इसमें 60 से 70 मीटर तक महज साढ़े तीन इंच पानी की गहराई है.
जल संसाधन के अफसरों ने एक प्रोजेक्ट के अध्ययन के दौरान हाल ही में यह स्थिति पायी है. फिलहाल इस इलाके में जल स्तर घटने से जलीय जीव विशेष तौर पर गांधी घाट की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं. सर्दियों में गांधी घाट के अप स्ट्रीम में काफी संख्या में डॉल्फिन देखी जाती थीं. अब वे गांधी घाट की तरफ शिफ्ट होते जा रहे हैं. अध्ययन में इसकी पुष्टि भी हुई है. गौरतलब है कि पिछले 25 सालों में पटना के घाटों से छह किलोमीटर शिफ्ट हो चुकी है.
इसलिए घट रहा पानी
गंगा नदी में कमोबेश जल स्तर घटा है. इसकी वजह इसके कैचमेंट में बारिश की लगातार कमी आ रही है. उदाहरण के लिए बिहार में गंगा नदी के कैचमेंट में करीब 26 फीसदी कम बारिश हुई है. ये ट्रेंड कमोबेश वर्ष 2014-15 से चल रहा है.
खिसकने का मुख्य असर
इसका सबसे बड़ा असर जलीय जीवों के रहवास पर पड़ेगा. वे नष्ट किये जा सकते हैं
रेत खनन बढ़ सकता है. क्योंकि, उथले पानी में रेत का उत्खनन आसानी से किया जा सकता है

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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