पटना : बिहार के लोगों को मार्च में ही गर्मी का कहर झेलना पड़ रहा है. बिहार के विभिन्न जिलों में आग लगने की संभावना काफी बढ़ गयी है. आपदा विभाग ने जिला मुख्यालय में आग के दौरान सहायता के लिए सभी जिलों में इमरजेंसी ऑपरेशन केंद्र बनाया है.
जिसकी जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है. फोन, फैक्स, समाचार पत्रों के माध्यम से इमरजेंसी ऑपरेशन केंद्र का नंबर आमलोगों तक पहुंचाया जा रहा है. मुख्यालय में आपदा के ट्रेंड अधिकारियों की नियुक्ति की गयी है, जिनको चुनाव कार्य से दूर रखा गया है.
आग लगने की खबर मिलते ही जिलों में तैनात आपदा प्रबंधन पदाधिकारी एवं उनकी टीम घटना स्थल पर पहुंचेंगे. बिहार के विभिन्न जिलों में 10 से अधिक आग लगने की घटनाएं घट चुकी है, लेकिन हर जगह पर अग्निकांड के पीड़ितों को 24 घंटे के भीतर पॉलीथिन शीट, खाना, बर्तन एवं निर्धारित राशि पहुंचाया गया है. आपदा के दौरान कोई घायल होता है, तो उसका तुरंत इलाज कराया जा रहा है. इसके लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी अतिरिक्त रूप में की गयी है.
अग्निकांड से बचाव के लिए दिशा-निर्देश
फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सुदूर गांवों में समय पर पहुंचे, इसके लिए अनुमंडल मुख्यालयों व थानों में भी गाड़ियों को रखने की व्यवस्था की जाये.
जिलाधिकारी अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अनुमंडल अधिकारी को स्पष्ट निर्देश देंगे कि वे अपने क्षेत्र में अग्निकांड की रोकथाम के लिए विभिन्न माध्यमों से लोगों में जागरूकता पैदा करें.
फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की मरम्मती अविलंब करा ली जाये और जहां चालक की परेशानी हो. वहां पर चालक को रखा जाये.
